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Sex Story in Hindi रानी भाभी की लंड पर सवारी

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Sex Story in Hindi

Sex Story in Hindi प्रेषक : अमित  … हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम अमित है और में अहमदाबाद से हूँ। अभी के ज़माने में सेक्सी रिश्तों की कोई कमी नहीं होती है। में इंजीनियर हूँ और में अपने कज़िन की बीवी मतलब भाभी के साथ चालू कैसे हुआ? ये उसकी कहानी है। इंडियन लड़की के प्यार में पड़ना बहुत आसान है और जब उसके बूब्स और गांड मस्त हो तो बात ही बन जाए।  मेरी भाभी एकदम परी जैसी थी और उसका नाम रानी था। उसका साईज 32-24-36 था और वो बहुत गोरी थी। उसकी उम्र 27 साल थी, Sex Story in Hindi लेकिन कोई कह नहीं सकता कि वो 22 साल की भी होगी। वो एक हाउसवाईफ है और में अक्सर उनके घर जाया करता था। वो भी मुझसे काफ़ी फ्रेंड्ली थी और में उसको सोचकर कई बार मुठ मारता था। एक दिन मुझे उनके घर के नज़दीक एक बैंक में काम था तो में उस काम से गया, लेकिन बैंक वालों ने मुझे 2 घंटे तक इंतजार करने को कहा तो में रानी के घर चला गया। फिर मैंने दरवाजा खटखटाया, लेकिन काफ़ी देर तक किसी ने दरवाजा नहीं खोला, फिर उनकी आवाज़ आई कि अमित ज़रा रुक जाओं में आती हूँ। फिर जब वो आई तो में तो शॉक रह गया। अब उन्होंने सिर्फ़ एक टावल पहना हुआ था। फिर मैंने उनको सारी बात बताई तो उन्होंने कहा कि नो प्रोब्लम तुम यहाँ रुक सकते हो। जब भैया तो ऑफिस गये हुए थे, तो अब मुझसे रहा नहीं गया। मैंने कहा कि मुझे बाथरूम जाना है और में सीधा बाथरूम में जाकर हिलाने लगा, लेकिन जल्दी में मैंने Sex Story in Hindi दरवाजा बंद नहीं किया तो अचानक पीछे से मेरी भाभी ने मुझे देख लिया। फिर उन्होंने कहा कि ये तुम क्या कर रहे हो? अब में तो डर गया था कि अब मर गये, लेकिन उन्होंने मुझे बाहर बुलाया और कहा कि जो तुम अंदर कर रहे थे, वो मेरे सामने करो नहीं तो में तुम्हारी माँ को सब बता दूंगी कि तुम क्या कर रहे थे? मेरा लंड अभी भी तना हुआ था, तो मैंने कहा कि मुझे शर्म आ रही है। वो बोली कि बेटा अंदर तो कुछ शर्म नहीं आ रही थी। में उनके मुँह से सुनकर यह शॉक हो गया। फिर मैंने सोचा कि आज उसको मेरा लंड दिखा ही देता हूँ। फिर मैंने जीन्स की चैन खोल दी और मेरा लंड सीधा फंनफनाता हुआ तन गया। मेरा लंड 7 इंच  लंबा और 2 इंच मोटा है और थोड़ा सांवला है। फिर थोड़ी देर तक देखने के बाद वो बोली कि अब इसे हिलाओ तो सही। अब मुझे पता चल गया था कि यह चुदने के मूड में है। मैंने कहा अभी हिला देता हूँ, मुझे कोई प्रोब्लम नहीं है। फिर वो हंसने लगी और बोली कि ऐसे मेरे सामने खड़ा है, तुझे शर्म नहीं आती। मैंने कहा कि कैसी शर्म? अब में तुझे भी नंगी करूँगा ना। फिर तो उसने सीधा मेरा लंड पकड़कर मेरे लंड को अपने मुँह में ले लिया और ऐसे चाटने लगी जैसे उसने कभी लंड देखा ही नहीं हो। अब में तो सीधे सांतवे आसमान में पहुँच गया था और सोफे पर जाकर लेट गया। अब वो आराम से मेरा लंड चाट रही थी। फिर मैंने उसके गले तक मेरा लंड घुसा दिया। अब उस साली से सांस भी नहीं ली जा रही थी, वो अब कुछ बोल भी नहीं पा रही थी। फिर थोड़ी देर के बाद मैंने उसको छोड़ दिया और फिर मैंने उससे कहा कि सिर्फ़ मेरा लंड ही चूसेगी या मेरे अंडो को भी अपने मुँह में लेगी और मैंने ज़बरदस्ती अपने अंडो को उसके मुँह में डाल दिया और फिर से उसका मुँह पूरी तरह से भर गया। अब वो इस बार मज़े ले रही थी, शायद उसको मेरे लंड के अंडे पसंद आ गये थे। अब वो अपने मुँह से मेरे लंड को निकाल ही नहीं रही थी। अब मेरा पानी निकलने वाला था, क्योंकि वो आधे घंटे से मेरे लंड को चूस रही थी। फिर मैंने पूछा पानी कहाँ निकालूं? तो वो बोली मेरे मुँह में ही डाल दो मुझे इसका टेस्ट बहुत पसंद है। फिर मैंने एकदम से उसके मुँह में लंड घुसाया और पिचकारी छोड़ने लगा। मेरा इतना पानी आज तक नहीं निकला था। अब वो मेरा सारा पानी पी गई। फिर उसने मेरे लंड को भी मस्त चाट लिया। अब में उसके बॉल्स के साथ खेलने लगा और उसके निप्पल एकदम सख़्त थे और उसके बूब्स तो एकम लचीले थे। अब में तो उस पर टूट पड़ा। फिर मैंने सोचा कि अब चलो इसको हैरान किया जाए। फिर मैंने धीरे से एक उंगली उसकी चूत में घुसा दी। वो तुरंत ही मौन करने लगी। फिर मैंने धीरे-धीरे से उंगली डाली तो उसको मज़ा आने लगा। फिर मैंने एक साथ उसमें 4 उंगली डाल दी और वो चिल्लाने लगी और बोली कि भड़वे निकाल तेरी उंगलियां। लेकिन मैंने उसको दबोच लिया और मैंने उसे छोड़ा ही नहीं। अब उसकी आँखों से आँसू निकलने लगे थे। फिर मैंने कहा कि शांत रहो में आज तेरी हर बॉडी पार्ट को लचीला कर दूँगा और उंगली के साथ लंड भी घुसा दिया और वो तो अब मानों बेहोश सी हो गई थी। अब में इतने से नहीं रुका और फिर मैंने अपना लंड उसके मुँह में घुसा दिया और पूरा हाथ उसकी चूत में डालकर ज़ोर से हिलाने लगा, अब उसका पानी निकलने लगा था। फिर थोड़ी देर में तो मेरा पूरा हाथ गीला हो गया। अब वो भी इन्जॉय कर रही थी तो रानी बोली कि अब बस भी करो और अपना लंड मेरी चूत में पेल दो। फिर मैंने कहा हाँ अभी तो मैंने सिर्फ़ हाथ डालकर तेरी चूत फाड़ी है। अब में लंड से उसे फाड़ता हूँ और तेरी चूत का भोसड़ा बना दूँगा। अब वो नॉर्मल पोज़िशन में आ गई और अब उसने मेरे सामने अपनी चूत फैला दी। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है। फिर मैंने पहली बार अपने लंड को उसकी चूत में डालने के लिए तैयार किया और धीरे से उसके चूत पर लगाया और अंदर डालने लगा, लेकिन उसकी चूत के पानी की वजह से मेरा लंड बार-बार फिसल रहा था। फिर मैंने कहा कि रंडी अपना टावल दे, कितना पानी निकालेगी? और फिर उसकी चूत पर से सारा पानी साफ किया और फिर से अपना लंड उसकी चूत पर लगाकर एक धक्का दिया। वो आधे लंड में ही फिर से चिल्लाने लगी कि धीरे करो, फिर में बोला साली एक तो तुझे चूत की प्यास बुझानी और मुझे धीरे से करने के लिए कह रही है। अब में बहुत गर्म मूड में आ गया था, फिर मैंने एक झटके में पूरा लंड उसकी चूत में डाल दिया और उसके मुँह को लिप किस करके बंद कर दिया। फिर उसे दर्द तो हुआ, लेकिन कुछ ही मिनटों में उसको मज़ा आने लगा। अब वो भी सामने से झटके देने लगी थी। अब में अचानक से लेट गया और उसको मेरे ऊपर ले लिया और बोला कि चल मेरी घोड़ी अब तू मेरे लंड पर सवारी कर। अब उसे भी बहुत मज़ा आ रहा था और अब वो मेरे लंड पर ज़ोर-ज़ोर से उछलने लगी थी। हमारा दूसरा राउंड करीब एक घंटे तक चला। अब उसका तो 3-4 बार पानी निकल गया था, लेकिन मेरा पानी अभी तक नहीं निकला था। वो अब बहुत थक गई थी। फिर मैंने उसको एक टेबल पर लेटाया और अब में खड़े-खड़े उसे चोदने लगा। दोस्तों उसकी चूत तो मानों जन्नत थी। अब वो तो मौन किए जा रही थी कि पेलते रहो मेरे राजा, अब आखिरकार मेरा निकलने वाला था तो मैंने सारा माल उसकी चूत में ही गिरा दिया। अब उसे बहुत मज़ा आया और मेरा मन अभी भी नहीं भरा था तो मैंने उसको बेड पर लेटाया और कहा कि अपने बूब्स पकड़ लो और मुझे तेरी बूब्स गली में लंड की सैर करनी है। अब मेरा लंड ढीला हो गया था, लेकिन उसके बूब्स देखकर मेरा लंड फिर से थोड़ा-थोड़ा जागने लगा तो मैंने रानी से कहा कि चल उसको जगा। वो तो जैसे इसी का इंतज़ार कर रही थी, वो फिर से मेरे लंड और अंडो को चाटने लगी। फिर मैंने उसके बूब्स कि गली में लंड को बहुत सैर करवाई और फिर मैंने उसे तीसरे राउंड में डॉगी बनाकर चोदा। अब वो तो अभी मानों बेहोश सी हो गई थी और एक बार डॉगी स्टाइल करते-करते वो तो गिर भी गई थी। फिर भी मैंने उसको छोड़ा नहीं और उसको पीछे की तरफ बेड पर लेटा दिया और उस पर पीछे से ही लंड पेलने लगा। अब उसे मज़ा तो आ रहा था, लेकिन मैंने उसकी सारी एनर्जी ख़त्म कर दी थी। फिर आखिरकार मैंने तीसरी बार अपना पानी उसकी गांड पर छोड़ दिया और फिर मैंने उससे कहा कि चलो अब में अपने काम के लिए निकलता हूँ। वो बोली कि बैंक का काम तो होता ही रहेगा, लेकिन ये काम हर हफ्ते में 2-3 बार मेरे लिए करना पड़ेगा। अब हफ्ते में दो या तीन बार तो में उसको चोद ही देता हूँ। धन्यवाद

Hindi Chudai story दोनों बहनों की कामुक दास्तान

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दोनों बहनों की कामुक दास्तान

Hindi Chudai story प्रेषक : स्मिता … हैल्लो दोस्तों, आज में आप लोगों से जो स्टोरी शेयर करने जा रही हूँ वो मेरी खुद की रियल स्टोरी है, जिसे में आप लोगों के साथ शेयर करना चाहती हूँ और ये मेरी पहली कहानी है। मेरा नाम स्मिता है और मेरी उम्र 22 साल, फिगर 34-28-34, रंग गोरा, हाईट 5 फर 4 इंच और में हैदराबाद में रहती हूँ। मेरी फेमिली में हम 5 लोग रहते है पापा, मम्मी, भाई, बहन और में। Hindi Chudai story मेरे पापा बैंक में काम करते है और मम्मी एक प्राइमरी स्कूल में टीचर है। भाई मुझसे 3 साल बड़ा है और मेरी बहन मुझसे 5 साल बड़ी हैज मेरी दीदी दिखने में अच्छी खूबसूरत है और उसकी फिगर साईज 36-30-34 है। रंग गोरा और हाईट 5 फुट 5 इंच है। दोस्तों कहानी 3 साल पहले की है जब में 12वीं क्लास में पढ़ती थी, तब मेरी उम्र 19 साल की थी और मेरी दीदी 24 साल की थी। दीदी ने डॉक्टर का कोर्स किया है और वो अभी गावं में ही सरकारी हॉस्पिटल में काम करती है। वो पिछले 5 सालों से कॉलेज हॉस्टल में ही रहती थी इसलिए उसका और मेरा ज्यादा रिलेशन नहीं था और मेरा भाई भी 2 साल से पूना के मिलेक्ट्री कॉलेज में डॉक्टर का कोर्स कर रहा है। Chudai story मैंने अभी-अभी 11वीं की परीक्षा देकर 12वीं क्लास में पढना शुरू किया था। मुझे सभी विषय सरल लगते थे, लेकिन साइन्स थोड़ा कठिन लगता था, मैंने साइन्स के लिए एक्सट्रा क्लास भी लगाई है। में रोज अच्छी पढाई करती हूँ, क्योंकि मुझे भी अपने भाई-बहन की तरह डॉक्टर बनना था। मेरा एक छोटा रूम है जिसमें में अकेली पढाई करती थी, लेकिन अब दीदी का कोर्स पूरा होने के कारण दीदी ने भी मेरा रूम शेयर कर लिया है। अब हम दोनों बहनें अच्छी तरह घुल मिल गये थे, अब दीदी मेरी अच्छी सहेली बन गयी है और अब वो मुझे मेरी पढाई में भी मदद करती थी। अब रोज का एक काम फिक्स हो गया था, वो हॉस्पिटल जाती और में कॉलेज जाती और जल्दी घर आकर पढाई करती थी। एक दिन जब में घर आई तो मेरे कमरे का दरवाजा खुला था। में जब कमरे में गई तो बाथरूम में शॉवर की आवाज़ आ रही थी शायद दीदी आज हॉस्पिटल नहीं गई थी। तब में वहां पर ही अपने कपड़े चेंज कर रही थी कि वहाँ मुझे दीदी का लेपटॉप दिखा। मैंने लेपटॉप चालू किया तो उसमें एक वीडियो चालू था, उसमें दो लड़कियां एक दूसरे को किसिंग कर रही थी और एक दूसरे के बूब्स को सहला रही थी और एक गर्ल दूसरी गर्ल की चूत को सहला रही थी। ये देखकर मुझे कुछ अजीब लगा और में वो वीडियो देखने लगी। उसमें अब वो गर्ल्स एक दूसरे की चूत चाट रही थी, ये सब देखकर में भी थोड़ी गर्म हो रही थी और अब मेरे बूब्स और निप्पल कड़क हो गये थे, मैंने पहली बार ऐसा कुछ देखा था और पहली बार मेरी चूत में गुदगुदी हो रही थी। फिर मैंने चूत पर हाथ रखा तो मुझे चूत पर कुछ गीलापन महसूस हुआ, ये मेरा फर्स्ट टाईम था। फिर मैंने लेपटॉप बंद कर दिया और कपड़े चेंज करने लगी, तभी बाथरूम से मुझे कुछ आवाज़ आने लगी। फिर में बाथरूम में देखने की कोशिश कर रही थी, लेकिन कुछ अच्छे से दिखाई नहीं दे रहा था। फिर मैंने देखा कि दीदी पूरी नंगी थी तब मैंने उनके 36 साईज के बड़े बूब्स और उनकी चूत पहली बार देखी थी। वो अपने हाथ से अपनी चूत को सहला रही थी और उसकी चूत एकदम क्लीन शेव थी, जबकी मेरी चूत पर छोटे- छोटे बाल थे। वो अपनी एक उंगली चूत में डाल रही थी और मुँह से आवाज़ निकाल रही थी। ऐसा मैंने पहले कभी नहीं देखा था। अब मेरी चूत में भी कुछ हो रहा था। मेरे हाथ मेरी चूत पर थे और में उसे सहला रही थी, में पूरी तरह से गर्म हो गयी थी और अब मेरा एक हाथ बूब्स पर और दूसरा हाथ मेरी चूत पर था। ये सब मुझे कुछ अलग लग रहा था। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है फिर दीदी ने अब शॉवर बंद किया तब में अपने कपड़े पहनकर रूम से बाहर निकल गई और जब में रात को खाना खाकर पढाई करने बैठी थी और दीदी अपने लेपटॉप पर कुछ कर रही थी। फिर मैंने दीदी से जानबूझ कर साइन्स का टॉपिक फीमेल योनि के सिस्टम के बारे में पूछा और बोली कि मुझे ये कुछ समझ में नहीं आ रहा है, प्लीज मुझे समझा दो, आप तो डॉक्टर हो आप अच्छे से समझा सकती हो। तब दीदी मुझे फीमेल योनि के बारे में बताने लगी और लेपटॉप पर एक वीडियो प्ले करके मुझे समझाने लगी। उस वीडियो में एक गर्ल दूसरी गर्ल को नंगी करके चूत को दिखाकर योनि के बारे में बता रही थी और वो एक दूसरे को किस कर रही थी। तब मैंने दीदी से पूछा कि सभी गर्ल की एक समान ही योनि होती है क्या? आपकी कैसी है प्लीज मुझे दिखाओ। मुझे लग रहा था कि ये सब दीदी को भी पसंद है तो दीदी ने हाँ कर दी और उन्होंने मुझे अपने कपड़े निकालने को कहा और वो भी झट अपने कपड़े निकालकर नंगी हो गयी थी। में पहली बार दीदी को सामने से नंगी देख रही थी, उसकी चूत एकदम क्लीन थी और अपने बड़े-बड़े बूब्स को ब्रा से अलग कर दिया। अब में ब्रा और पेंटी में थी तो दीदी ने मुझे पूरा नंगी होने को कहा। मुझे शर्म आ रही थी तो फिर दीदी ने ही मेरी ब्रा को खोला और पेंटी भी निकाली और मुझे अपनी चूत दिखाकर योनि के बारे में बताने लगी और वो मेरी चूत को भी देखने लगी थी। फिर दीदी ने मेरा हाथ अपनी चूत पर रखकर देखने को बोला और वो मेरी चूत को देखने लगी, वो मेरी चूत को सहला रही थी और अब वो मेरे बूब्स को भी प्रेस कर रही थी। में अब थोड़ी गर्म हो रही थी और अचनाक दीदी ने अपने लिप्स मेरे लिप्स पर रखकर किस करने लगी। अब हम दोनों एक दूसरे को अच्छे से किस कर रहे थे और वो मेरी उंगली अपनी चूत में डलवा रही थी और मेरी चूत को भी अब ज़ोर से रगड़ रही थी। फिर दीदी ने मुझे झट से बेड पर लेटा दिया और मेरी चूत के पास आकर मेरी चूत चाटने लगी। अब मुझे कुछ अजीब सा लग रहा था। वो एक हाथ से मेरे बूब्स को दबा कर रही थी और चूत को चाट रही थी। अब में भी दीदी की तरह आवाज़ निकाल रही थी आअहह ययसस्सस्स। अब वो अपनी जीभ मेरी चूत के अंदर डाल रही थी। मुझे एक अजीब सी फिलिंग हो रही थी और मेरी चूत बहुत गर्म हो गई थी और मेरी चूत थोड़ी गीली भी थी। अब दीदी अपनी चूत मेरे मुँह के पास लेकर आई और मेरे मुँह पर रब करने लगी। में भी उनकी तरह अपनी जीभ दीदी की चूत में डालकर चाटने लगी। दीदी की चूत बहुत गर्म थी और दीदी अपनी चूत को मेरे मुँह पर अच्छे से रगड़ने लगी और वो मेरी चूत को भी अच्छे से चाट रही थी। मेरे मुँह से अजीब सी आवाज़ निकल रही थी, लेकिन दीदी की चूत मेरे मुँह पर होने की वजह से ज्यादा आवाज नहीं निकल रही थी, दीदी अब अच्छे से मेरी चूत चाट रही थी और मुझे कुछ अजीब सा महसूस हो रहा था। अब मेरी चूत से कुछ निकलने वाला था और मेरी बॉडी कुछ अकड़ रही थी। अब दीदी ज़ोर-ज़ोर से चूस रही थी कि तभी मेरी चूत में से कुछ निकल गया और में एकदम उछल पड़ी और कमर को ज़ोरदार झटका दिया, मुझे पता नहीं था कि ये में क्या कर रही हूँ? फिर मैंने ऐसे ही कमर को 2-3 झटके दिए और में एकदम से हल्का महसूस करने लगी। मुझे ऐसा लग रहा था कि जैसे मैंने एकदम से सब कुछ पा लिया है। फिर दीदी ने अपनी चूत मेरे मुँह रख दी और अब में दीदी की चूत चाट रही थी और अब दीदी भी अपनी कमर हिला रही थी और मेरी जीभ अपनी चूत के अंदर ले रही थी और एक ही झटके में उनकी चूत के अंदर से पानी मेरे मुँह पर गिरने लगा। अब वो अपनी एक उंगली चूत में डालकर अंदर बाहर कर रही थी और उनकी चूत का पानी मेरे मुँह पर डाल रही थी और ऐसे ही हम दोनों बहनों ने खूब मजा किया ।। धन्यवाद …  

Hindi sex रानी दीदी बनी मेरी रानी

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Hindi sex प्रेषक : आशु … हैल्लो दोस्तों, में आपको अपना पहला सेक्स अनुभव शेयर करने जा रहा हूँ और में आशा करता हूँ कि ये कहानी आपको बहुत पसंद आयेगी। Hindi sex मेरा नाम आशु है और मेरे लंड का साईज 7 इंच लम्बा और 3 इंच मोटा है। यह घटना उज्जैन की है। में उज्जैन का रहने वाला हूँ और मेरी दीदी भी वहीं रहती है। उनका साईज 34-32-36 है और में तो सबसे ज़्यादा उनकी गांड का दीवाना हूँ। में उनको बचपन से मेरी बहन मानता था, मैंने उन्हें कभी ग़लत नज़रो से नहीं देखा, लेकिन जैसे ही मैंने अपनी जवानी कि उम्र में कदम रखा तो में बिगड़ना शुरू हो गया। अब में लड़कीयों को देखता और उनके बारे में सोचता था। अब में अपने दोस्तों में सबसे ज़्यादा बिगड़ा हुआ लड़का हूँ और में सेक्स के बारे में हर चीज़ जानता हूँ। फिर मेरी एक उम्र आई जब में सेक्स के लिए तड़पने लगा और मुठ मारता था और सोचता था कि में कब किसी लड़की को चोद पाऊंगा? और फिर जब में 19 साल का हुआ तो मैंने मेरी दीदी को नहाते हुए देख लिया और तब से सोच लिया कि मेरी प्यास यही बुझायेगी। दीदी तलाकशुदा थी और उनके पति उनको मारते थे तो उन्होंने उसको तलाक दे दिया। मेरी दीदी मामा की लड़की थी और मामा के घर पर ही रहती थी और मेरे मामा का घर ठीक मेरे घर के पीछे है तो हमने पीछे की दिवार को तोड़कर वहां गेट लगवा लिया था। वो दिन मुझे अच्छे से याद है जब मैंने दीदी को नहाते हुए देखा था। दीदी को शाम को नहाने की आदत थी और उस दिन मामा और मामी घर पर नहीं थे। वो बाज़ार गये हुए थे और मेरी मम्मी ने बोला कि शायद मेरी किताब मामा के घर पर रह गई है तो तू लेकर आ जा। फिर मैंने बोला ठीक है मम्मी और में चला गया। में पीछे का दरवाज़ा खोलकर अंदर गया और फिर ड्रॉइग रूम से आवाज़ लगाई मामा, मामी? तो किसी ने जवाब नहीं दिया। फिर में थोड़ा और दीदी के रूम के पास चला गया तो हल्का सा दरवाजा खुला हुआ था और नहाने की आवाज़ आ रही थी। फिर मैंने सोचा कि दीदी नहा रही होगी तो मेरे अंदर का शैतान जाग गया और मैंने सोचा कि अगर में उनको नहाते हुए देख लूँ। फिर मेरे दिमाग़ ने मना कर दिया कि वो मेरी दीदी है, पागल है क्या? फिर मैंने उनके रूम के बाहर से ही आवाज़ लगाई कि दीदी आप अंदर हो क्या? आशु तुम हो क्या? हाँ दीदी, 5 मिनट रुको में आ रही हूँ, तू अन्दर रूम में बैठ जा। फिर में जाकर वहां बेड पर बैठ गया और मैंने ध्यान से देखा तो बाथरूम के दरवाज़े में छेद थे, जैसे नॉर्मल पुराने दरवाज़ों में होते है। अब मुझसे रहा नहीं गया और में दरवाज़े के छेद में से झाँकने लगा और जो मैंने देखा उससे मेरा लंड एक मिनट में टाईट हो गया। दीदी पूरी नंगी थी और क्या सेक्सी बॉडी थी उनकी? उनकी पूरी बॉडी पर पानी फ्लो कर रहा था, उनके चेहरे से, गर्दन से और क्या बूब्स थे? ब्राउन निप्पल वाले। फिर उनके पेट से होते हुए पानी उनकी क्लीन शेव चूत पर से नीचे जा रहा था। अब में देखकर वही खड़ा रहा और मेरा लंड तो ऐसा हो रहा था कि अभी मेरी जीन्स फाड़कर बाहर आ जायेगा। फिर मैंने उसको बाहर निकालकर मुठ मारना शुरू कर दिया और वहीं बाथरूम के दरवाज़े पर झड़ गया और जैसे ही दीदी बाहर आने वाली थी तो मैंने ज़िप बंद की और सब साफ करके बेड पर जा कर बैठ गया। फिर दीदी बाहर आई, बोली क्या हुआ? कुछ काम था क्या? हाँ वो मम्मी कोई किताब यहीं पर ही भूल गई थी, वो लेने भेजा है। ओह हाँ, रुक दो मिनट में लाती हूँ। उन्होने टॉप पहना हुआ था और केफ्री और उनका टॉप देखकर मुझे अलग ही पता चल रहा था कि उन्होंने अन्दर कुछ नहीं पहना है। फिर दीदी ने वो किताब दी और में लेकर वापस घर आ गया। फिर हर रोज़ मेरा रुटीन हो गया। में हर रोज़ किसी बहाने से जाता और मौका मिलता तो दीदी की बॉडी देखकर मज़े लेता, नहीं तो मामा के साथ बाहर बैठकर बात करता और वापस घर आ जाता। फिर अब मैंने मन में सोच लिया था कि अब मुझे दीदी को चोदना है, लेकिन में सोच रहा था कैसे? फिर मुझे मौका मिला। जब हमारी फेमिली में किसी की मौत हो गई तो मम्मी-पापा और मामा-मामी 3 दिन के लिए बाहर गये हुए थे और जब सर्दी का मौसम चल रहा था और पापा-मम्मी मुझे दीदी के हवाले करके चले गये। तब मैंने सुबह दीदी को नहाते हुए देखा और मुठ मारी। उसके बाद हमने ब्रेकफास्ट किया और टी.वी देखने लगे। फिर हमने थोड़ी देर इधर उधर की बातें की और अब दीदी फ्रेंकली बात कर रही थी। फिर उन्होंने मेरी गर्लफ्रेंड्स के बारे में पूछा तो मैंने बोला अभी तो एक भी नहीं है, लेकिन भविष्य में बहुत बनाऊंगा, तो दीदी बोली तू बहुत बिगड़ रहा है। फिर उसके बाद हमने लंच किया और हम मेरे घर पर कंप्यूटर गेम खेलने चले गये और उन्होंने पूछा कि तेरे पास अच्छी मूवी है क्या? तो मैंने बोला हाँ है आप सर्च कर लो। फिर में बाहर चला गया कोई मेहमान आए थे, तो मैंने उनसे बोला कि अभी घर पर कोई नहीं है और वो चले गये। फिर जैसे ही में वापस अंदर आया तो मैंने देखा कि दीदी ने मेरी पॉर्न मूवी का फोल्डर खोल रखा था और में पकड़ा गया था। उन्होने बोला यह सब क्या है आशु? दीदी, वो तो, वो तो क्या? अभी यह सब डीलीट करो और फिर कभी ऐसी चीज़े मत देखना, नहीं तो में बुआ को सब बता दूँगी। में बोला नहीं दीदी आप कुछ मत बताना, में सब डिलीट करता हूँ और मैंने सबको रिसाइकल बिन में शिफ्ट कर दिया और बाद में मैंने फिर से रिस्टोर भी कर लिया था। फिर वापस हम उनके घर गये और वो उनके लेपटॉप पर फाइल्स कॉपी कर रही थी, जो वो मेरे कंप्यूटर से लाई थी। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है। फिर में बाहर जाकर टी.वी देखने लगा और फिर आधे घंटे के बाद दीदी ने मुझे आवाज़ लगाई और कहा कि आशु इधर आओ यह गेम इनस्टॉल नहीं हो रहा है। फिर में गया और उस गेम को इनस्टॉल करने लग गया और दीदी बाथरूम में चली गई। फिर में गेम इनस्टॉल करने के लिए ऐसे ही उनका लेपटॉप देख रहा था तो मैंने देखा कि मेरा पॉर्न मूवी का फोल्डर दीदी के लेपटॉप में कैसे आया? तब मुझे समझ में आया कि दीदी ने सारी पॉर्न मूवी कॉपी कर ली थी। फिर रात हो गई और हम डिनर करके टी.वी देख रहे थे और रात के लगभग 11 बज रहे थे। फिर मैंने दीदी से पूछा कि वो मेरा पॉर्न मूवी का फोल्डर आपके लेपटॉप में क्या कर रहा है? तो दीदी घबरा गई और नाटक करके पूछने लगी कौन सा फोल्डर? ओह अच्छा तो वो वीडियो आपके लेपटॉप में क्या कर रहे है? अब दीदी पकड़ी गई थी। वो रोने लगी और फिर उन्होंने बताया कि वो सेक्स के लिए बहुत ज़्यादा परेशान है और उन्हें उनके पति ने भी कभी प्यार नहीं किया था। फिर में धीरे से उनके पास सोफे पर बैठ गया और उन्हें हग किया। मैंने बहुत कोशिश की, लेकिन दीदी ने रोना बंद नहीं किया। फिर मैंने धीरे से उनके लिप पर किस किया और दूर हट गया। फिर दीदी ने मेरा सिर उनकी तरफ खींचा और हम स्मूच करने लगे और फिर हम 15-20 मिनट तक स्मूच करते रहे और एक दूसरे में खो गये। फिर मैंने दीदी का टॉप उतार दिया और उन्होने मेरी टी-शर्ट उतार दी। फिर मैंने उनकी ब्रा भी उतार दी और फिर में उन्हें उठाकर अंदर ले गया और बेड पर लेटा दिया और किस करने लगा। फिर मैंने उनके पूरे शरीर पर किस करना स्टार्ट कर दिया, गर्दन पर, नाभि पर और फिर में उनके बूब्स चूसने लगा। अब दीदी मौन कर रही थी और मैंने फिर दीदी का पजामा पेंटी के साथ उतार दिया और अब में भी नंगा हो गया। अब हम दोनों एक दूसरे को किस कर रहे थे और फिर दीदी मेरे लंड को मसलने लगी और ऊपर नीचे हिलाने लगी। अब मेरा लंड एकदम टाईट हो गया था। फिर दीदी ने मेरे लंड को पकड़कर मुँह में ले लिया और चूसने लगी। वाह्ह पहली बार कोई मेरे लंड को चूस रहा था और मुझे बहुत मजा आ रहा था। ओह दीदी और चूसो अपने भाई का लंड और चूसो यसस्स, फिर में उनके मुँह में ही झड़ गया और दीदी मेरा पूरा वीर्य पी गई। अब मैंने दीदी को नीचे लेटा दिया और उनकी चूत चाटने लगा। अब दीदी बहुत आवाज़ निकाल रही थी, ह्म्‍म्म्ममममममममममम ओह यसस्स्स म्‍म्म्ममममममम। फिर थोड़ी देर के बाद दीदी मेरे मुँह में ही झड़ गई और में भी उनका पूरा पानी पी गया। अब मेरा लंड अभी तक फुल टाईट हो चुका था और फिर मैंने दीदी की चूत पर अपना लंड सेट करके धक्का लगाया तो लंड थोड़ा अंदर गया और अब दीदी को बहुत दर्द हो रहा था। फिर भी वो बोली कि रुक मत मेरे भाई, आज मेरी प्यास बुझा दे। फिर मैंने एक और धक्का लगाया तो अब मेरा पूरा लंड अंदर था। फिर मैंने धीरे-धीरे शॉट मारने शुरू कर दिए। अब दीदी को भी मजा आने लगा और अब वो मेरा साथ दे रही थी और फिर 20-25 मिनट के बाद हम दोनों एक साथ झड़ गये और में 10 मिनट तक ऐसे ही उनके ऊपर पड़ा रहा और हम दोनों रजाई ओढ़ कर नंगे ही सो गये। फिर सुबह दीदी ने मुझे किस करके उठाया और हम उसके बाद से जब भी मौका मिलता है तब सेक्स करते है ।। धन्यवाद … Hindi sex

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Hindi sexy story प्रेषक : रोहन … हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम रोहन है और मेरी माँ की उम्र 44 साल है, मगर उनको देखकर लगता है कि वो 35 साल से ज़्यादा की नहीं है। जो भी उनकी गांड को देखता था वो उनकी गांड मारना चाहता था। मेरी माँ का नाम नीलम है और वो एक नंबर की चुदक्कड़ थी। Hindi sexy story मेरे पापा एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करते थे और बाहर ही रहते थे। में और मेरी माँ कोलकाता में रहते थे। Hindi sexy stories फिर उन्ही दिनों हमारे बगल में एक अंकल रहने आए। उनका नाम मनोज था और वो एक कंपनी में जॉब करते थे और एकदम हट्टे कट्टे थे। फिर धीरे-धीरे उनकी जान पहचान हमसे बढ़ गयी और वो हमसे घुल मिल गये। कभी-कभी वो मम्मी से नॉन-वेज बातें भी कर लेते थे, लेकिन मम्मी भी उनसे नॉन-वेज मज़ाक करने लगी थी। में उस समय छोटा था इसलिए में ध्यान नहीं देता था। एक दिन अंकल को किसी पार्टी में जाना था तो वो अकेले थे और उन्होंने मम्मी को अपने साथ चलने की रिक्वेस्ट की तो मम्मी भी मान गई, लेकिन पार्टी में कपल डांस करना था तो मम्मी ने उन्हें कहा कि उसे कपल डांस नहीं आता है। अंकल ने कहा कि कोई बात नहीं में सिखा देता हूँ और वो मम्मी को डांस सिखाने लगे। उस समय मम्मी मेक्सी पहने हुई थी। जिसमें से उनकी गांड और हल्के-हल्के बूब्स दिख रहे थे और वो घुटने तक दोनों तरफ से खुली हुई थी। अब अंकल नीचे से मम्मी की कमर पर हाथ रखकर डांस करने लगे। अचानक कुछ देर के बाद उनका हाथ मेरी मम्मी की गांड पर चला गया। में वही पर खड़ा होकर ये सब देख रहा था। मम्मी ने उन्हें कुछ नहीं बोला और डांस करने लगी। अब अंकल मम्मी की गांड को दबाए जा रहे थे और फिर अपनी एक उंगली मम्मी की मेक्सी के ऊपर से गांड में घुसा दी तो मम्मी की आवाज़ निकली ऊउह्ह तो मनोज अंकल ने कहा क्या हुआ? भाभी जी मज़ा नहीं आ रहा क्या डांस सीखने में? तो मम्मी ने कहा कि बहुत मज़ा आ रहा है। फिर अंकल ने कहा रात को और मज़ा आयेगा और मम्मी हंसने लगी। मे समझ गया कि आज कुछ जबरदस्त होने वाला है। फिर रात को में भी पार्टी में गया और वहां पर एक से एक आंटीयाँ आई हुई थी। फिर कुछ देर बाद सब डांस करने लगे और अब अंकल भी मम्मी के साथ डांस कर रहे थे और बीच-बीच में उनके बूब्स और गांड भी दबा रहे थे। फिर अचानक लाईट ऑफ हो गई और मम्मी के मुँह से, अहहह की आवाज़ आने लगी। में समझ गया कि अंकल मम्मी को किस कर रहे है। फिर जब लाईट आई तो मैंने देखा कि अंकल मम्मी को लेकर बाथरूम की तरफ जा रहे थे। फिर में भी उनके पीछे छुपके से चला गया और एक कोने में जाकर खड़ा हो गया। फिर मैंने देखा तो में हैरान हो गया। अब अंकल मम्मी को खूब ज़ोर से लिप किस कर रहे थे और उनकी जीभ भी काट डाली थी। अब मेरी माँ आँहे भर रही थी, लेकिन मुझे मज़ा आ रहा था। फिर अंकल ने मम्मी की साड़ी उतार दी और मम्मी अब सिर्फ़ ब्लाउज और पेटीकोट में थी। अब अंकल कह रहे थे कि जानेमन इस दिन का इंतज़ार मुझे कब से था। मम्मी ने कहा अब और देर ना करो और मुझे चोद डालो डार्लिंग। फिर अंकल ने भी अपने कपड़े उतार दिए और नंगे हो गये। उनका लंड करीब 8 इंच लंबा और 4 इंच मोटा था। फिर मम्मी ने कहा आज मुझे जन्नत की सैर करवाने वाले हो क्या जानेमन? फिर अंकल ने मम्मी के सारे कपड़े उतार दिए और उनके बूब्स चूसने लगे और चूची पर दाँत से काटने लगे। अब मम्मी कह रही थी कि चूसो, ज़ोर से दाँत से काटो। फिर करीब 10 मिनट तक चूसने के बाद अंकल ने अपना लंड मम्मी के मुँह पर रख दिया और बोला चल रंडी चूस मेरे लंड को। अब मम्मी खूब अच्छे से लंड चूसने लगी। फिर करीब 10 मिनट तक चूसने के बाद अंकल ने मम्मी को बाथरूम के फर्श पर लेटा दिया और उनकी चूत चाटने लगे। अब मम्मी अहहहह उह्ह्हह्ह कर रही थी और कह भी रही थी कि पी लो मेरी चूत का रस, साले इसे चाट ले। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है। फिर अंकल ने भी मम्मी की चूत को चाट कर पूरा गीला कर दिया और फिर अपना लंड डाल दिया तो मम्मी चिल्ला उठी साले मादरचोद लंड है या फिर हथोड़ा, निकाल इसे, लेकिन अंकल ने मेरी मम्मी कि एक नहीं सुनी और कहा साली रंडी चुप हो जा, में आज तुझे छोड़ने वाला नहीं हूँ और ज़ोर के झटके देने लगे। अब धीरे-धीरे मम्मी को भी मज़ा आने लगा और बोली कि मुझे बहुत मज़ा आ रहा और आआहहहहह उह्ह्हह्ह्ह्ह करने लगी और बोली और ज़ोर से। अब अंकल मम्मी की गांड को अलग-अलग तरीको से मारे जा रहे थे, कभी डॉगी स्टाईल में तो कभी अपने ऊपर बैठाकर। अब मम्मी भी पूरे मजे ले रही थी, कभी उनको किस करती तो कभी वो उनको बोलती कि मेरी चूची को चूसो और मेरा दूध निकाल दो। आज मेरी चूत का भोसड़ा बना दो। अब अंकल मम्मी को गोद में उठाकर चोदने लगे और करीब आधे घंटे तक मम्मी को चोदा और अपना पानी अंदर ही झाड़ दिया। hindi sexy story उसके बाद उन्होंने मम्मी को उल्टा कर दिया और गांड का छेद चाटने लगे। उसके बाद उन्होंने बाथरूम में रखा हुआ साबुन मम्मी के गांड के छेद पर लगाया और अपने लंड पर भी लगाया। वो तो मम्मी की गांड देखकर तो पागल ही हो गये थे। मम्मी की गांड बहुत मस्त थी और फिर एक ही झटके में उनका पूरा का पूरा लंड मम्मी की गांड के अंदर चला गया। मम्मी को बहुत दर्द हो रहा था, लेकिन उन्हें मज़ा भी बहुत आ रहा था। अब अंकल ने मम्मी की गांड 45 मिनट तक मारी और उनके मुँह के अंदर अपना सारा वीर्य डाल दिया और मम्मी उसे पी गई और बोली तुम्हारा वीर्य तो बहुत टेस्टी था। अंकल ने पूछा मेरी चुदाई कैसी लगी? तो मम्मी ने कहा कि मुझे ऐसी चुदाई रोज करनी है तो अंकल ने कहा कि कोई बात नहीं, अब हम रोज करेंगे। उस दिन के बाद अंकल मम्मी को रोज चोदते थे। कभी बेडरूम में, कभी किचन में और जब में घर पर नहीं रहता था तो वो दोनों घर में नंगे ही घूमते रहते थे और उनका जब मन हुआ तो चुदाई शुरू हो जाती थी ।। धन्यवाद..hindi sexy story

Hindi chudai सोने के बहाने बहन को गर्म किया

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Hindi Chudai प्रेषक : राहुल … हैल्लो दोस्तों, ये स्टोरी तब की है जब छुट्टी के दिन थे और हम सब लोग घर पर ही थे, मेरी बहन जो कि 25 साल की है वो भी सारा दिन घर पर ही होती थी। मेरी उम्र 18 साल है और उस वक्त हम सब लोग छत पर सोते थे। फिर रोज की तरह जब हम लोग रात के 11 बजे सोने गये। hindi chudai अब हम कुछ इस तरह सोये थे कि मेरे लेफ्ट में मेरी बहन, फिर उसके लेफ्ट में मेरी दादी और माँ पापा नीचे घर में ही सोते थे। अब में रोज की तरह नेट पर फेसबुक और कुछ सर्च कर रहा था। फिर मैंने सोचा कि अब कुछ लव स्टोरी पढ़ते है और मैंने चोदन डॉट कॉम वेबसाईट खोली। फिर मैंने देखा कि उसमें एक भाई-बहन की स्टोरी भी है। फिर मैंने वो स्टोरी पढ़ ली और वो मुझे बहुत पसंद आई। अब में अपना लंड सहलाने लगा था। तभी मेरी दीदी ने करवट बदली और मेरी तरफ मुँह करके सो गई। अब उसकी वजह से मेरा ध्यान उसकी तरफ गया और अब में भी उसके बूब्स की तरफ घूर रहा था और उसके बूब्स का उभार उसकी नाईट ड्रेस के पतले कपड़े की वजह से साफ नज़र आ रहा था। अब में मन ही मन उन्हें हाथ लगाने की सोच रहा था, लेकिन मेरी हिम्मत नहीं हुई। अब में बस उसे देखकर ही गर्म हो रहा था। अब में दीदी के पूरे शरीर को आँखो से निहार रहा था। मुझे आज पहली बार एहसास हुआ कि मेरी दीदी कितनी सुंदर है, अब मेरे मन में हवस पैदा हो गई थी और फिर मैंने हिम्मत करके धीरे-धीरे मेरा हाथ दीदी की छाती की तरफ सरकया तो अब मेरा हाथ कांप रहा था। फिर मैंने हल्के से मेरे सीधे हाथ की पहली उंगली उसके स्तन पर रख दी और 5 मिनट के बाद धीरे से मैंने अपना हाथ उसके स्तन पर रख दिया। अब में उसके स्तन का गोल शेप महसूस कर सकता था। फिर मैंने इंतजार किया कि कहीं दीदी जाग ना जाए, लेकिन वो गहरी नींद में थी। जब रात के 2 बज गये थे और अचानक से दादी नींद में खांसने लगी तो मैंने झट से मेरा हाथ दीदी के स्तन के ऊपर से हटा लिया और अपनी आँखे बंद कर ली। अब में कुछ वक़्त तक खामोश रहा और करीब 10 मिनट के बाद मैंने मेरी आँखे खोली तो मैंने देखा कि दीदी अब सीधी लेटी हुई थी। अब मैंने फिर से हिम्मत करके मेरा हाथ उसकी छाती पर रख दिया। अब मुझे बहुत अच्छा महसूस हो रहा था। फिर मैंने धीरे-धीरे उसके स्तन को दबाया, तो क्या बताऊँ दोस्तों? मुझे एकदम से करंट सा लग गया। अब मेरा लंड पूरा खड़ा हो गया था और हवस का नशा मुझ पर पूरी तरह से चढ़ गया था, अब मेरी हिम्मत बढ़ गयी थी और अब में रुक रुककर दीदी के बूब्स दबाने लगा था। फिर करीब 15 मिनट के बाद मैंने हिम्मत की और में अपनी जगह से थोड़ा ऊपर सरक गया और मैंने एक हाथ से दीदी के गले के ऊपर की ड्रेस थोड़ा ऊपर कर दी और में झुककर उसके स्तन देखने लगा। उसके स्तन बहुत गोरे थे जो एक दूसरे से एकदम चिपके हुए थे और दोनों स्तनों के बीच ऊपर वाले हिस्से में छोटी सी दरार बन गयी थी। फिर मैंने हाथ आगे बढ़ाकर दीदी के गले के पास से मेरा हाथ उसके टॉप के अंदर डाल दिया और मेरी एक उंगली को उस दरार में घुसा दिया। पसीने की वजह से उसके स्तनों के बीच थोड़ा गीलापन था। अब में उसके नंगे स्तनों को छू रहा था और उसका मज़ा ही कुछ और होता है। अब मेरे लंड से पानी टपकने लगा था और अब में बहुत उत्तेजित हो गया था। फिर में रुक रुककर उसके स्तनों पर हाथ फैरने लगा, उस समय दीदी ने ब्रा पहनी थी तो में सिर्फ़ ऊपर वाले हिस्से में ही अपना हाथ फैर रहा था। फिर मैंने सोचा कि दीदी गहरी नींद में है तो मैंने बिना सोचे ही उसके एक स्तन को दबोच लिया और दबाने लगा। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है। फिर 5 मिनट के बाद दीदी ने अपना पैर हिलाया, शायद उन्हें मच्छर काट गया था तो मैंने घबराकर अपना हाथ बाहर निकाल लिया और सो गया, लेकिन मुझे नींद नहीं आ रही थी तो में फिर से जाग गया। अब दीदी मेरी तरफ पीठ करके सोई थी। उसकी गांड की दरार में उसका पतला गाउन (नाईट ड्रेस जिसमें पेंट नहीं होती जो कि ऊपर से घुटनो के नीचे तक लंबा होता है) फंस गया था और इस वजह से उसकी गांड का उभार बहुत सेक्सी दिख रहा था। अब मुझसे कंट्रोल नहीं हुआ और फिर में उसके पास गया और अपना हाथ उसकी गांड पर रख दिया। मेरी बहन ना पतली थी ना मोटी थी। उसका फिगर एकदम शानदार था। इसकी वजह से गांड बहुत मुलायम लग रही थी। अब में और उसके करीब आ गया और पीछे से उसके पूरी तरह से चिपक गया, अब मेरी सांसो की हवा से उसके सिर के बाल उड़ रहे थे। फिर मैंने हिम्मत करके मेरा अपना पैर दीदी के ऊपर रख दिया और अब मेरा लंड उसकी गांड को पीछे से छू रहा था। अब में हल्के से उसकी गांड पर अपने लंड को रगड़ने लगा। जब मेरा लंड पेंट में ही था और मेरी उसे बाहर निकालने की हिम्मत नहीं हो रही थी। अब मेरा लंड पानी छोड़ने लगा था। अब में वैसे ही दीदी के चिपककर लेटा था और मुझे कब नींद लग गई पता ही नहीं चला। फिर जब में सुबह उठा तो मैंने देखा कि दीदी और दादी कब की उठ गई थी और उनका नहाना भी हो गया था। फिर मैंने घड़ी में देखा तो 8 बज गये थे। फिर में भी नहा लिया और जैसे मैंने कल रात दीदी के साथ कुछ किया ही नहीं, ऐसे नॉर्मल रोज की तरह दीदी से बर्ताव करने लगा। अब दीदी भी बिल्कुल नॉर्मल थी तो मेरी जान में जान आ गई, क्योंकि मुझे लगा था कि शायद दीदी ने जागने के बाद मुझे उनसे चिपके हुए लेटे देख लिया होगा, लेकिन शायद में नींद में फिर से अपनी जगह पर सीधा सो गया था। फिर ये दिन चला गया और फिर रात को हम रोज की तरह ऊपर जाकर सो गये। अब में बस इंतजार कर रहा था कि जल्दी से माँ और दीदी सो ज़ाये और में फिर से मज़ा ले सकूँ, लेकिन आज दीदी माँ की जगह पर सो गई और दादी मेरे पास सो गई। फिर दादी ने पूछा तो वो बोली कि वहाँ पर हवा नहीं आती है इसलिए में यहाँ सो रही हूँ। में निराश हो गया, लेकिन जब सब सो गये तो में उठकर दीदी के पास सो गया और फिर से उसके स्तनों को दबाने लगा और कल की तरह में एक पैर उसकी कमर पर डालकर उसकी गांड को लंड से छूने का मज़ा ले रहा था। अब मुझे बड़ा अच्छा महसूस हो रहा था, में फिर उस रात ज्यादा कुछ कर नहीं पाया और अपनी जगह पर आकर सो गया और किसी को कुछ पता भी नहीं चला ।। धन्यवाद …