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Hindi Sex Storys ऑफिस वाली का काम लगाया

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Hindi Sex Storys प्रेषक : आर्यन … हेल्लो दोस्तों, मेरा नाम आर्यन है और में बेंगलोर से हूँ। मेरी उम्र 24 साल है और में एक एम.एन.सी कंपनी में जॉब करता हूँ और में आपको यह भी बता दूँ कि में सेक्स का बहुत भूखा हूँ।Hindi. Sex Storys मेरे 4 गर्लफ्रेंड थी और मैंने उन सबको चोदा है। अब में आपको ज़्यादा बोर नहीं करूँगा और अब में सीधा कहानी पर आता हूँ जो में आपको यहाँ बताने जा रहा हूँ वो 100% सच है और कुछ भी झूठ नहीं है। फिर में बी.ए पूरी करके बेंगलोर आ गया था और जो मेरी तब की गर्लफ्रेंड आरती थी, उसकी शादी फिक्स हो गयी थी इसलिए हम लोगों ने लास्ट टाईम जी भर कर सेक्स किया। मैंने एक दिन में उसको 6 बार चोदा। हम लोगों ने जी भरकर सेक्स किया। उस दिन के बाद वो मुझे कभी नहीं मिली सुनने में आता है कि, वो अब अपने पति के साथ खुश है। Hindi Sex Storys अब आरती के जाने के बाद मेरी ज़िंदगी में कोई नहीं थी। मेरी हमेशा से एक इच्छा रही है कि में एक शादीशुदा लड़की के साथ रिश्ता रखूं। शायद भगवान ने मेरी सुन ली थी। मेरी कंपनी में एक लड़की आई, उसका नाम माधुरी है और वो दिखने में बहुत हॉट और सेक्सी है। सच दोस्तों अगर कोई उसके बूब्स देख ले तो अपना लंड उसके बूब्स पर रगड़ने को दिल करे। माधुरी शादीशुदा है और उसकी शादी हुए 2 साल हुए है। उसके कोई बच्चा नहीं था और वो हमारे फ्लोर पर जॉब करती थी। पहले पहले तो में उसे इग्नोर करता था, लेकिन मेरे दोस्तों ने मुझे बताया कि वो मुझे बहुत घूरती है, लेकिन मैंने उनकी बात पर विश्वास नहीं किया। अब वो रोज़ ऑफिस आते ही मेरी तरफ देखती थी और में उसे इग्नोर करता था, क्योंकि वो शादीशुदा थी तो में कोई परेशानी नहीं लेना चाहता था। फिर एक दिन यह हुआ कि वो डीप कट वाला सलवार पहनकर आई थी, जिसमें से उसके क्लीवेज साफ साफ दिख रहे थे और में पीने का पानी भरने के लिए आया था और वहां पर कोई नहीं था। तब वो भी अपनी बोतल लेकर वहां आई और केम्पर का टेप ओपन करने के लिए झुकी तो मुझे पहली बार उसके दो बड़े-बड़े पहाड़ यानी बूब्स दिखे। दोस्तों मेरा लंड तो कड़क हो गया था और अब मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि ये क्या हो रहा है? और मेरी हालत जब ख़राब हुई जब उसका दुपट्टा गिर गया। दोस्तों में आपको क्या बताऊँ? अब तो उसके पूरे पिंक निप्पल तक दिख रहे थे। अब मुझसे कंट्रोल नहीं हो रहा था। तभी वो उठी और जिस केम्पर से में पानी भर रहा था। वो टेप उसने बंद किया और चली गयी। अब में अंदर ही अंदर खुश था और में सेक्स का बहुत भूखा था, क्योंकि मेरा ब्रेक-अप हुए 2 महीने हो गये थे और में तब से सिर्फ़ मुठ ही मारता था। फिर में जब पानी लेकर वापस अपनी जगह पर आया तो मुझे उसका मैसेज आया, वो देखकर में हैरान था। माधुरी – हाय, तुम्हें मेरा शो कैसा लगा? में – ओके ओके, मज़ा तब आयेगा जब पूरा दिखेगा। उसी वक़्त उसने मेरा नम्बर पूछा और हमने नम्बर एक्सचेंज किए। अब उस दिन से हम दोनों सेक्स चैट करने लगे थे। अब जब भी मेरा मन होता था तो में उसको अपना नंगा फोटो भेजने के लिए कहता था। पहले-पहले तो वो मना करती थी, लेकिन बाद में उसने अपने कई सारे नंगे फोटो भेजे, जिसे देखकर में मुठ मारा करता था। हमसे अब रहा नहीं जा रहा था। वो भी मेरे लंड की प्यासी थी और में उसके बूब्स और चूत का और वो वक़्त आ गया जब हमारी छुट्टी थी और हमने मूवी देखने का प्लान बनाया। फिर में सोचकर ही हम ऐसे थियेटर में गये जहाँ मूवी फ्लॉप हो गई थी। वहां सिर्फ 6 लोग थे और मैंने पूरा ऊपर का और कॉर्नर वाला सीट लिया था। वो शर्ट और जीन्स पहनकर आई थी और 2 मिनट के बाद मूवी स्टार्ट हो गई और जैसे ही लाईट ऑफ हुई तो हम दोनों एक दूसरे के ऊपर टूट पड़े। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है। अब हम दोनों ज़ोर-ज़ोर से लिप किस करने लगे थे। में उसके लिप ज़ोर-ज़ोर से चूस रहा था और उसकी सांसे तेज़ होने लगी थी। अब मेरा लंड तो एकदम कड़क हो गया था। फिर मैंने बिल्कुल भी टाईम वेस्ट नहीं किया और धीरे-धीरे से उसकी शर्ट को खोल दिया और साथ ही अंदर की ब्रा को भी खोल दिया। दोस्तों क्या बताऊँ? अब, वो मेरे सामने पूरी तरह से टॉपलेस थी और उसके 34 साईज़ के बूब्स और उसके गुलाबी निप्पल मेरे हाथो में थे, अब में उसके राईट बूब्स को ज़ोर-ज़ोर से मसल रहा था और लेफ्ट बूब्स को मुँह में लेकर चूस रहा था और वो अह्ह्ह और ज़ोर से चूसो प्लीज और ज़ोर से दबाओ और मेरा दूध पीयो कहती जा रही थी। अब उसने मेरी जीन्स को खोल दिया और मेरा लंड मुँह में लेकर चूसने लगी, जैसे कि वो उसे खाने वाली है। फिर उसने 10 मिनट तक मेरा लंड चूसा और मेरा सारा पानी अपने मुँह में ले लिया। फिर मैंने झट से उसकी पेंट को पूरा उतार दिया और उसकी चूत में उंगली करने लगा। अब वो मेरा लंड हिला रही थी और अब हम उसी स्टाईल में फ्रेंच किस करने लगे। अब हमें बिल्कुल भी फर्क नहीं पड़ रहा था कि हम कहाँ है? फिर मैंने पहले तो उसकी चूत में सिर्फ़ एक उंगली डाली, लेकिन बाद में 2 और उंगलियों को अंदर बाहर करने लगा। अब वो पूरी गर्म हो गयी थी और आह्ह्ह्ह आह्ह्ह और अंदर और अंदर, पूरा डालो प्लीज जानू और यस यस, हाँ हो गया और करो प्लीज प्लीज चिल्ला रही थी। अब में उसकी आवाज को रोकने के लिए उसे किस करने लगा और उसने मेरा लिप ज़ोर से काट लिया और झड़ गयी। अब हम दोनों पूरे पसीने में भीग गये थे। अब हम वहां से निकलकर उसके घर गये और वहां पर मैंने दो बार चुदाई की। अब जब भी हमें मौका मिलता है और उसका पति घर पर नहीं होता तो हम चुदाई करने से बिल्कुल भी नहीं चूकते है ।। धन्यवाद

Hindi Sex Stories पड़ोस वाली रेखा भाभी की चुदाई

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Hindi Sex Stories प्रेषक : अजय … हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम अजय है और में गुजरात के अहमदाबाद शहर से हूँ। में इस साईट का बहुत पुराना पाठक हूँ और में इस साईट की सभी स्टोरी पढ़ चुका हूँ। अब पहले में आपको अपने बारे में बता दूँ कि में दिखने में स्मार्ट हूँ और मेरी उम्र 23 साल है। Hindi Sex Stories ये 6 महीने पहले की बात है और ये स्टोरी मेरी और मेरे पास में रहने वाली मेरी पड़ोसन की है, उसका नाम रेखा है और वो पति पत्नी दोनों ही रहते है। उनकी उम्र 25 साल है इसलिए में उन्हें भाभी कहकर बुलाता हूँ और उनके पति एक एम.एन.सी कंपनी में जॉब करते है। रेखा भाभी मेरे घर के बाजू में रहती है इसलिए उनका मेरे घर में आना जाना बहुत था। हम दोनों में बहुत अच्छी दोस्ती हो गई थी। में ज्यादातर उनके घर पर ही रहता हूँ क्योंकि वो अकेली होती है। वो दिखने में बहुत खूबसूरत है। उसकी साईज़ 34-32-30 है, क्या बूब्स है उसके? और क्या गांड है? जो भी उसे देख ले तो चोदने का मन हो जाए। अब में भी उनको चोदने का मौका ढूँढ रहा था। एक दिन जब में उनके घर गया तो वो अपने कमरे में साड़ी पहन रही थी और में सीधा अंदर चला गया। फिर में वही बैठा उसे देख रहा था तो वो बोली क्या देख रहा है? Hindi Sex Story तो में बोला आपको देख रहा हूँ। फिर उसने मुझसे कहा कि कभी नंगी लड़की नहीं देखी है क्या? तो मैंने कहा कि नहीं कभी मौका ही नहीं मिला। तो वो बोली चल ठीक है अब उठ और पीछे से मेरे ब्लाउज के हुक बाँध दो तो मैंने कहा कि ठीक है। फिर में खड़ा होकर उसके पास गया और पीछे से उसके हुक बाँध रहा था। दोस्तों क्या बदन था उसका? उसने अन्दर काले कलर की ब्रा पहनी थी। फिर मैंने पूछा कि आप बहुत सेक्सी हो और में उनकी पीठ पर हाथ फैरने लगा। तब वो बोली कि क्या कर रहे हो? फिर मैंने कहा कि बस अच्छा लगता है। उस टाईम मेरा लंड खड़ा हो गया था और उसकी गांड पर टच हो रहा था। फिर उसने मेरे लंड पर हाथ रखकर कहा कि ये तो बड़ा टाईट हो गया है। फिर मैंने कहा जब इतनी सेक्सी भाभी पास हो तो खड़ा तो हो ही जायेगा ना। तब मैंने तुरंत उसके आगे हाथ डालकर उसके बूब्स पर रख दिया और धीरे-धीरे दबाने लगा। तो उसके मुँह से आह्ह्ह्ह आह्ह्ह्ह आह्ह्ह्ह ऐसी आवाज़े आने लगी। अब वो सीधी होकर मेरे होंठ पर अपने होंठ रखकर मुझे किस करने लगी और अब में भी उसका साथ देने लगा था। फिर में एक हाथ उसके बूब्स पर रखकर जोर जोर से दबाने लगा। अब वो मेरे कपड़े निकालने लगी तो में भी उसका ब्लाउज उतारने लगा। बाद में उसने मेरे पूरे कपड़े निकाल दिए। फिर मैंने भी उसके पेटीकोट को निकाल दिया। अब वो सिर्फ़ ब्रा और पेंटी में थी। फिर मैंने उसे बिस्तर पर लेटा दिया और उसे जोरो से किस करने लगा। अब वो भी मेरा साथ देने लगी थी। फिर में उसकी ब्रा के ऊपर से ही उसके बूब्स दबाने लगा तो अब वो बोले जा रही थी कि अजय और जोर से दबाओ, मुझे बहुत मज़ा आता है। फिर में और जोर से उनके बूब्स को दबाने लगा, और फिर मैंने उनकी ब्रा निकाल दी, दोस्तों क्या बूब्स थे? में तो उस पर टूट ही पड़ा। फिर में उसके बूब्स पर जोर से काटने लगा तो वो बोले जा रही थी कि धीरे से में कही भाग नहीं जाऊँगी, प्लीज आराम से दबाओं, चूसो, पी लो सारा रस, अब में तुम्हारी हूँ। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है। फिर धीरे-धीरे में उसके नीचे गया और उसकी पेंटी निकाल दी, क्या चूत थी उसकी? अब में उसकी चूत पर किस कर रहा था। वो बोली कि उसे चाटो, प्लीज चाटो मेरी चूत को, मेरे पति कभी मेरी चूत को नहीं चाटते, प्लीज जोर से चाटो। अब में भी उसकी चूत को चाटने लगा, तभी वो बोली कि मुझे तुम्हारा लंड चूसना है। फिर हम 69 पोज़िशन में आ गये। अब वो मेरा लंड जोर से चाट रही थी और में उसकी चूत को चाट रहा था। फिर वो बोली कि मेरे राजा अब नहीं रहा जाता, प्लीज मुझे चोद डालो। फिर मैंने बोला ठीक है। फिर हम सीधे हो गये तो वो बोली कि लाओ थोड़ा लंड चूस लूँ। फिर डालना तो वो जोर से मेरा लंड चूसने लगी। फिर 5 मिनट तक लंड चूसने के बाद बोली कि चलो अब डालो। फिर वो सीधी लेट गई और मैंने अपना लंड उसकी चूत के मुँह पर रखा तो वो बोली क्यों तड़पा रहे हो अपनी रानी को? प्लीज जल्दी से डालो और चोदो मुझे। फिर मैंने चूत के अंदर अपना लंड डाला, तो वो चिल्लाने लगी कि धीरे से डालो, बहुत दर्द हो रहा है। फिर मैंने कहा ठीक है। फिर मैंने एक ही झटके में अपना लंड चूत में डाल दिया तो वो जोर से चिल्लाने लगी। फिर थोड़ी देर रुकने के बाद वो बोली कि अब चोदना चालू करो। फिर मैंने धीरे-धीरे उसको चोदना चालू किया। अब वो आह्ह्ह आआ अया आह्ह्ह्ह आहाआह बोल रही थी और कह रही थी कि ज़ोर से चोदो और जोर से चोदो। फिर में भी अपने धक्के तेज करके उसको चोदने लगा। अब में उसके बूब्स दबा रहा था और किस कर रहा था। अब वो जोर से बोले जा रही थी आहाहा आहा आ आ आ चोदो। फिर मैंने बोला कि मेरा निकलने वाला है तो वो बोली कि डाल दो अपना रस मेरी चूत में और बना लो मुझे अपने बच्चे की माँ। अब उसका दो बार निकल गया तो वो बोली मेरा तीसरी बार निकलने वाला है चलो साथ में झड़ते है। उसके बाद हम दोनों साथ में झड़ गये। फिर मैंने पूरा रस उसकी चूत में डाल दिया और उसके ऊपर लेट गया। फिर वो बोली कि मुझे पहली बार संतोष मिला है। उसके बाद हमें जब भी मौका मिलता हम चुदाई करते है ।। धन्यवाद …

Indian Sex Stories मेरी गर्लफ्रेंड और उसके दीदी जीजाजी

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Indian Sex Stories प्रेषक : चंदन … हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम चंदन है और में असम से हूँ, मुझे सेक्स में बहुत रूचि है और में अक्सर सेक्स स्टोरी पढ़ता हूँ इसलिए में अभी मेरी पहली स्टोरी आपको बताने जा रहा हूँ। ये स्टोरी एक सच्ची घटना पर आधारित है और ये चार लोगों के अनुभव के बारे में है। Indian Sex Stories पहले तो में आप लोगों को मेरे बारे में बता देता हूँ। मेरी उम्र 28 साल है और मेरी एक गर्लफ्रेंड है जो कि मेरी पत्नी बनने वाली है। उसकी एक बड़ी दीदी है जो कि शादीशुदा है और उनके पति एक कंपनी में काम करते है। ये कहानी मेरी, मेरी गर्लफ्रेंड, उसकी दीदी और जीजा के सेक्स के बारे में है। Indian Sex Story में और मेरी गर्लफ्रेंड 3 साल से रिश्ते में है और हमने बहुत बार सेक्स किया है। वो तो पहले मुझे बोरिंग लगती थी, लेकिन धीरे-धीरे मुझे पता चला कि वो सेक्सी है। उसकी उम्र 25 साल है और वो 36-B साईज़ की ब्रा पहनती है और उसकी कमर का साईज़ भी 36 है। उसका फिगर मुझे बहुत अच्छा लगता है, क्योंकि मुझे थोड़ी भारी लड़कियां और शादीशुदा भाभीयों में ज़्यादा रूचि है। मेरी गर्लफ्रेंड और में अक्सर सेक्स करते थे और जब भी मौका मिलता था तो में उसे उसी के घर में जा कर चोद लेता था। उसके घरवालों को भी हमारे रिश्ते के बारे में पता था इसलिए मुझे पूरी आज़ादी मिलती थी। मुझे जीन्स से ज़्यादा औरत और लड़कियां साड़ी में ज़्यादा अच्छी लगती थी और इसलिए जब भी मेरा सेक्स का मूड होता तो में मेरी गर्लफ्रेंड को एक सेक्सी साड़ी पहनकर तैयार रहने के लिए बोल देता था। पहले तो में उसके पेटिकोट के नीचे घुसकर उसकी चूत चाटता था और उसके बाद उसकी खूब चुदाई करता था। फिर कुछ दिन से में ये नोटीस कर रहा था कि मेरी गर्लफ्रेंड दिन पे दिन ज़्यादा सेक्सी बन रही थी। उसे लड़को को अपना बदन दिखाना शायद बहुत पसंद आता था और इसलिए कभी-कभी वो सेक्सी साड़ी पहनकर मेरे साथ घूमने निकला करती थी। तब वो लो कट ब्लाउज पहना करती थी। मुझे पहले तो अच्छा नहीं लगता था, लेकिन धीरे-धीरे इसमें मुझे भी मज़ा आने लगा और में उसे सेक्स करते समय पूछता था कि क्या वो किसी दूसरे मर्द से चुदवायेगी? तो वो तुरंत बोलती थी कि जब भी उसे मौका मिलेगा तो वो ज़रूर चुदवायेगी। में ये सुनकर रुक नहीं पाता था और उसे खूब चोदता था। अब में जब भी उसके घर जाता था तो कभी-कभी उसकी दीदी से मिलता था, पहले तो मुझे उसमें रूचि नहीं थी, लेकिन धीरे-धीरे वो मुझे अच्छी लगने लगी थी। और अब वो काफ़ी फ्रेंक रहने लगी थी और उनका फिगर भी बहुत अच्छा था। वो शादीशुदा थी इसलिए उनके पति उन्हें रोज चोदते थे और इसलिए उनके बूब्स भी काफ़ी बड़े थे। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है। एक बार उनके एक रिश्तेदार की शादी में मुझे भी बुलाया गया था। शादी शहर के एक मैरिज हॉल में हुई थी और उसके साथ एक रेस्ट हाउस भी था जिसमें कई रूम थे। फिर में उस दिन शादी अटेंड करने गया और जाने से पहले मैंने अपनी गर्लफ्रेंड को एक सेक्सी साड़ी पहनकर शादी में आने को बोला तो वो भी राज़ी हो गई। फिर जब में शादी में पहुंचा तो मैंने देखा कि मेरी गर्लफ्रेंड तो एक सेक्सी माल जैसी लग रही थी। उसने एक सफ़ेद स्टोन वाली सिल्क साड़ी पहनी थी और साथ में लो-कट काला ब्लाउज भी पहना था। अब उसे देखते ही मेरे मन में उसे चोदने का प्लान बन गया, लेकिन मैंने बहुत कंट्रोल किया। फिर थोड़ी देर के बाद मैंने उसकी दीदी को देखा, तो वो क्या माल लग रही थी? वो एक काली सिल्क साड़ी और गोल्डन टाईप की सेक्सी सिल्क लो-कट ब्लाउज पहने थी। उसकी फिगर क्या लग रही थी? वो पूरी रंडी लग रही थी। उसे देखकर तो मेरा लंड रुक नहीं पा रहा था। अब वो पूरा टाईट हो गया इसलिए मैंने तुरंत मेरी गर्लफ्रेंड से बोला कि चलो रेस्ट रूम में चलते है। फिर रेस्ट रूम में पहुंचते ही मेरी गर्लफ्रेंड बोली कि क्या हुआ? इतनी जल्दी आ गये? कंट्रोल नहीं हो रहा क्या? में – हाँ जान, तुम तो पूरी माल लग रही हो और सभी लड़को की नज़र तुम दोनों बहनों पर ही तो है। गर्लफ्रेंड – क्या? तुम दीदी को देख रहे थे क्या? में – हाँ, वो भी क्या माल लग रही थी? फिर मैंने उसे लिप किस किया। गर्लफ्रेंड – क्यों क्या हुआ? दीदी में आज अपनी बहुत रूचि दिखा रहे हो। में – हाँ जान, तुम्हारी दीदी बहुत मस्त है, चलो तुम बताओं तुम आज मेरे जाने के बाद और कितने लड़को से चुदवाओगी? गर्लफ्रेंड – हाँ तुम दीदी को चोद लो, में दो तीन से चुदवा लूँगी। ये सुनकर तो मेरे होश ही उड़ गये, अचानक मुझे ऐसा लगा कि कोई हमारे दरवाजे के बाहर रुका हुआ है और हमारी बातें सुन रहा है। फिर मैंने तुरंत जाकर दरवाजे को खोलना चाहा तो मैंने देखा कि मेरी गर्लफ्रेंड ने दरवाजा लॉक ही नहीं किया था। उसके बाद मैंने दरवाजा खोला तो देखा कि बाहर दीदी खड़ी है और वो हमारी बातें सुन रही थी। अब में तो बहुत नर्वस हो गया और अब मेरा शर्म के मारे बुरा हाल हो गया था। फिर दीदी अंदर आ गई और मेरी गर्लफ्रेंड के पास बैठ गई। अब वो दोनों मुझे देखकर मुस्कुरा रही थी। अब में तो बहुत परेशान हो गया था कि वो दोनों मुझे ऐसे क्यों देख रही थी? फिर मेरी गर्लफ्रेंड बोली कि अरे पागल ये हम दोनों का ही एक प्लान था। हम दोनों देखना चाहते थे कि एक सेक्सी लड़की को देखकर तुम क्या करोगें? में – लेकिन क्यों? दीदी – अरे चंदन सुनो ना, अब क्या शरमाना? तुम्हें तो में पसंद हूँ ही और मुझे भी तुम पसंद हो, अब तुम्हें भी सच्चाई पता चले। में – कौन सी सच्चाई? दीदी – सुनो चंदन, अब में सीधा-सीधा बोलती हूँ मेरे पति तुम्हारी गर्लफ्रेंड को कभी-कभी चोदते है और हम तीनों मिलकर सेक्स करते है और हम दोनों ये देखना चाहते थे कि सेक्स के बारे में तुम क्या चाहते हो? क्या तुम हम लोगों के साथ मजे करोगे? में – ये कब से चल रहा है? अब मेरी गर्लफ्रेंड थोड़ी सी घबराई दिख रही थी। दीदी – चंदन ये सब 2 साल से चल रहा है और हम सब को ये बहुत अच्छा लगता है। अब में तो बहुत उत्तेजित हो गया और में भी तैयार हो गया था। अब दीदी ने तुरंत अपने पति को बुला लिया। अब में बहुत खुश था कि जिस लड़की के सेक्स के सपने में देखा करता था, आज वो खुद मुझसे चुदवाना चाहती थी। फिर मैंने दीदी को लिप किस किया तो में देख रहा था कि जीजा भी मेरी गर्लफ्रेंड को किस करके मेरी गर्लफ्रेंड की साड़ी के नीचे से ब्लाउज के ऊपर से मेरी गर्लफ्रेंड के बूब्स को दबा रहे थे। अब मुझे बहुत मज़ा आ रहा था और मैंने तुरंत दीदी के बूब्स दबाना शुरू कर दिया। उसके बाद में दीदी के पेटीकोट के अंदर चला गया और उनकी चूत चाटने लगा तो दीदी को यह बहुत पसंद आया। फिर जब में उनके पेटीकोट से बाहर निकला तो मैंने देखा कि अब मेरी गर्लफ्रेंड अपने जीजा का लंड सहलाकर उसे चूस रही थी। वो दोनों क्या मस्त रंडियाँ थी? उसके बाद हम दोनों मर्दों ने भी उन दोनों रंडी बहनों को खूब चोदा और अपना-अपना पानी उनकी चूत में निकाल दिया। फिर मैंने दीदी को बहुत चोदा और मेरी गर्लफ्रेंड भी उसके जीजा से मेरे सामने ही चुदवा रही थी। अब मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। अब हम लोगों का सेक्स ऐसे ही चल रहा है ।। धन्यवाद …   Copyright © 2016 Chodan.com. 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दीदी की चुदाई का निमंत्रण

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चुदाई
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चुदाई प्रेषक : आशु … हैल्लो दोस्तों, मेरी बहन पदमा जब 22 साल की हुई तब में 21 साल का था। मेरा नाम आशु है और में एक प्राइवेट कम्पनी में काम करता हूँ। मेरा कद 5 फुट 11 इंच है और में बहुत कसरती जिस्म का मालिक हूँ। जिस कम्पनी मे में काम करता हूँ उसकी मालकिन मिस कुकरेजा एक 40 साल की महिला है जिसका पति मर चुका है और उसके एक बेटा और एक बेटी है। उसका बेटा अनिल मेरा दोस्त है और वो बिल्कुल लड़की जैसा दिखता है। अनिल की उम्र कोई 23 साल की है और उसकी बहन अनीला 20 साल की है। दोनों भाई बहन बहुत सुंदर दिखते है। मिस कुकरेजा भी काफ़ी प्रभावशाली औरत है। बेशक अनिल की उम्र 23 साल की हो चुकी है, लेकिन उसकी शादी अभी तक नहीं हुई क्योंकि में कुकरेजा फेमिली का दोस्त हूँ इसलिए मिस कुकरेजा मुझे अपना बेटा ही मानती है। अनिल स्लिम सा लड़का है, बहुत गोरा, गुलाबी होंठ, कद कोई 5 फुट 7 इंच, भूरे बाल और सबसे आकर्षित करने वाली चीज़ उसकी गांड है जो काफ़ी उभरी हुई है। मेरे दोस्त लोग आमतौर पर बातें करते है कि अनिल को लड़की होना चाहिए था क्योंकि उसकी गांड चुदने वाली है। में और अनिल एक साथ पढ़ते थे और पढ़ाई के बाद मुझे उसकी माँ ने नौकरी पर रख लिया था। में कुकरेजा परिवार का बहुत एहसानमंद हूँ। मेरी माँ यशोदा एक स्कूल में टीचर है और पिता जी का देहांत हो चुका है। मेरी दीदी पदमा कॉलेज में पढ़ती है और बहुत सेक्सी है, पदमा 5 फुट 5 इंच की सेक्सी लड़की है और कई बार लड़के मेरी बहन के कारण एक दूसरे से लड़ाई कर चुके है, लेकिन मेरी बहन किसी को घास नहीं डालती। पदमा का जिस्म 36-24-36 है और गोरा रंग, कटीले नेन। वो अधिकतर टाईट जीन्स और टॉप पहनती है जिसमें से उसकी सेक्सी गांड और चूची का उभार देखने को बनता है। बेशक पदमा मेरी बहन है फिर भी मेरा ध्यान उसके हुस्न की तरफ चला ही जाता है। एक बार वो अपने रूम मे कपड़े बदल रही थी और दरवाजा लॉक करना भूल गयी और में ग़लती से रूम मे घुस गया। पदमा बिल्कुल नंगी थी और उसका साँचे में ढला हुआ नंगा जिस्म देखकर मेरी साँस रुक गयी। मेरी बहन की लंबी टाँगें, कसरती जांघे और सपाट पेट देखकर मेरा लंड खड़ा हो गया। उसने झट से अपने हाथों से अपनी बड़ी-बड़ी चूची को ढक लिया, लेकिन में उससे पहले ही पदमा दीदी के जिस्म को देख चुका था। फिर में मांफी मांगता हुआ वापस लौट गया, लेकिन दीदी के नंगे जिस्म की तस्वीर ना भुला सका। अब 25 जून को मेरी बहन का जन्मदिन है और में कुकरेजा फेमेली को इन्वाईट करने चला गया। सबसे पहले मुझे अनीला मिली अनीला एक स्लिम सी सेक्सी लड़की है, जिसकी चूची कोई 34 करीब होगी और गांड भी बिल्कुल कसी हुई है और मुझे उसके जिस्म पर कोई भी कमी नहीं दिखती। भूरी आँखें और भूरे बालों वाली अनीला क़िसी का भी दिल जीत सकती है और में भी उसके हुस्न का आशिक था। वो मुझे प्यार की नज़र से कभी-कभी देख लेती थी, लेकिन में उन लोगों के बराबर नहीं था इसलिए में हमेशा अनीला को बस इज़्ज़त की नज़र से देखता था। मिस कुकरेजा ने मेरे इन्विटेशन के बारे मे कहा कि बेटा में तो आ नहीं पाऊँगी, लेकिन अनिल और अनीला पदमा के बर्थ-डे पर ज़रूर आयेंगे। ख़ैर अब मेरी बहन के जन्मदिन पर अनिल पदमा पर फिदा हो गया और या यह कहो कि अनीला मेरी बहन को अपनी भाभी बनाने के लिए कुछ भी करने को तैयार हो गयी। फिर उसने अपने भाई से ना जाने क्या कहा कि अनिल बोला कि आशु मुझे तेरी बहन बहुत पसंद है और में तुझे अपना साला बनाना चाहता हूँ क्या हुस्न है? तेरी बहन पदमा का, तू मुझे अपना जीजा बना ले। में सारी उम्र उसको हर खुशी दूँगा और अपनी रानी बनाकर रखूँगा। मुझे ये रिश्ता पसंद था अनिल एक ईमानदार लड़का था, सुंदर था, अमीर था। फिर मैंने माँ से बात कि तो वो तुरंत मान गयी, लेकिन अब मिस कुकरेजा पर निर्भर करता था कि ये रिश्ता होगा या नहीं। फिर अनिल और अनीला ने अपनी माँ से बात चलाई तो मिस कुकरेजा ने मुझे ऑफिस मे बुलाया। मिस कुकरेजा उस वक्त सफेद साड़ी मे अपनी कुर्सी पर बैठी हुई थी। वो बोली कि आशु बेटा मुझे इस रिश्ते से कोई एतराज़ नहीं है अगर तुम अनिल को अच्छी तरह जानते हो, समझते हो और उसको अपनी बहन का सुहाग बनाना चाहते हो तो मुझे ये शादी मंज़ूर है, लेकिन फिर बाद में मुझे क़िसी बात पर दोषी मत ठहराना। फिर में बोल उठा आपको दोषी, नहीं आंटी, कभी नहीं ? आप तो हम लोगों को इतना प्यार करती है, तो ठीक है हम शादी की तैयारी शुरू करते है। अब पदमा भी बहुत खुश थी, होती भी क्यों ना? उसको इतना पैसे वाला पति मिल रहा था। शादी की शॉपिंग मे में और अनीला भी बहुत काम कर रहे थे और अनीला भी मेरे नज़दीक आ रही थी, वो बात-बात पर हंस देती मुझे पीठ पर हाथ मारती और कई बार तो गले से लिपट जाती। फिर मुझे लगा कि वो मेरे साथ अपना चक्कर चलाने के मूड में है। ऐसी सेक्सी लड़की के साथ संबंध बनाने मे मुझे क्या एतराज़ हो सकता था? अब अनिल और पदमा की शादी हो गयी और कुछ दिन के बाद पदमा हमारे घर वापस आई, लेकिन उसके चेहरे पर कोई खास खुशी नहीं झलक रही थी। मेरा एक दोस्त पदमा की शक्ल देखकर मुझसे अकेले मे बोला आशु क्या बात है? पदमा दीदी खुश नज़र नहीं आती। में तो सोचता था कि शादी के बाद पदमा दीदी खिल उठेगी, लेकिन ये तो मामला ही कुछ और है। सच कहूँ तो शादी के बाद जब औरत को खूब अच्छा लंड मिले और खूब ज़ोर से चुदाई हो तो पूरा बदन खिल उठता है। आशु कहीं अनिल जीजा जी के लंड मे तो कोई कमी नहीं है। साले अगर मुझे मौका मिलता तो चाहे में पदमा को दीदी पुकारता हूँ, लेकिन उसको चोद-चोदकर कली से फूल बना देता। मुझे मेरे दोस्त की बात पर बहुत गुस्सा आया और मैंने उसको बाहर जाने को कह दिया, लेकिन मेरे दोस्त के शब्द मेरे दिमाग मे टिक गये। फिर अगले दिन दोपहर को में अनिल से बात करने गया तो पता चला कि वो गोदाम मे गया हुआ है। गोदाम के बाहर चौकीदार ने मुझे देखा तो बोला साहब अन्दर जाने की क़िसी को इजाजत नहीं है, लेकिन आप तो साहब के साले हो तो चले जाओ। फिर में अंदर गया तो सारा गोदाम खाली पड़ा था। में मुड़ने ही वाला था की एक कमरे से आवाज़ें आ रही थी, हह्ह्ह्ह ज़ोर से अकबर भाई, ज़ोर से चोदो अपनी रानी को बहुत दिनों के बाद मौका मिला है, आअहह चोदो मुझे अकबर, क्या मस्त लंड पाया है आपने? वाहह अकबर भाई। ये आवाज़ तो अनिल की थी और अकबर हमारी कंपनी मे एक ड्राइवर था, दरवाजा कुछ खुला था और मुझे अनिल नग्न रूप मे घुटनों और हाथों के बल झुका हुआ नज़र आया। अनिल की गोरी गांड उठी हुई थी और अकबर का कम से कम 7 इंच लंबा और मोटा लंड अनिल की गांड में घुसा हुआ था। अकबर मेरे जीजा को बेरहमी से चोद रहा था और अनिल मज़े से लंड अपनी गांड मे ले रहा था। अकबर क़िसी कुत्ते की तरह हाँफ रहा था। फिर अकबर बोला हाँ मालिक जब से आप शादी मे व्यस्त थे, मुझे भी ऐसी गांड नहीं मिली। अब तो मेरी बीवी भी गांड मरवाने से मना करती है और मुझे गांड के बिना कुछ और अच्छा नहीं लगता। मालिक आप ही मेरी रानी बने रहो, मुझे कोई बीवी नहीं चाहिए। अब अनिल भी नीचे से बोला कि अकबर भाई मैंने भी पदमा से शादी करके यू ही मुसीबत मोल ले ली है, अगर मेरी बहन मुझे ना कहती तो में कभी ये शादी नहीं करता, लेकिन में अपनी बहन को क्या कहता कि मुझसे ठीक तरह से चुदाई नहीं होगी? या ये कहता कि में पदमा को क्या चोदूंगा? मुझे तो खुद को अपनी गांड के लिए अकबर भाई का लंड चाहिए। अब में उनकी और बातें सुन नहीं सका और गुस्से से भरा हुआ मिस कुकरेजा के रूम में गया। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है। फिर में बोला आंटी मेरी बहन शादी से खुश नहीं है, अनिल तो खुद कहता है कि वो ठीक से चोद नहीं सकता, वो तो खुद गांडू है और इस वक्त गोदाम मे अकबर से गांड मरवा रहा है। आंटी मेरी बहन की तो ज़िंदगी बर्बाद हो गयी ना। फिर मिस कुकरेजा अपनी सीट से उठी और मुझे अपनी बाहों में भरकर सीने से लगाते हुए बोली कि आशु बेटा मैंने तुझसे कहा था ना कि कल मुझे दोष मत देना। असल में अनिल के पिता भी लंड के मामले में कमज़ोर थे, लेकिन मुझे ये पता नहीं था कि उसको ये गांड कि भी बीमारी है। बेटा निराश मत होना जो करना होगा में करूँगी। में कभी पदमा के जज़्बातों का नुकसान नहीं होने दूँगी, आख़िर पदमा अब हमारे घर की बहू है। में अनिल से बात करूँगी और समस्या का हल ढूंढ ही लूँगी और फिर अनीला भी तो तुझसे शादी करना चाहती है, अब मेरी एक नहीं दो बेटियाँ है अनीला और पदमा और जल्द ही अनिल तुझसे बात करेगा। फिर में बोला अनिल साला मुझसे क्या बात करेगा? जो करना था वो ठीक से कर नहीं पाया, लेकिन उसी रात अनिल ने मुझे एक बार में बुलाया और दो पेग विस्की के पीने के बाद मुझसे बोला यार में जान चुका हूँ कि तुझे मेरे उस शौक के बारे मे पता चल गया है और तुम जानते हो कि मेरे लंड में इतनी ताक़त नहीं है, लेकिन मेरे पास एक बहुत अच्छा सुझाव है अगर कहो तो बोलूं? फिर मैंने कहा अब क्या सुझाव बचा है मेरी बहन की ज़िंदगी बर्बाद करके? देख आशु पदमा की चुदाई तो होगी अगर में नहीं करता तो कोई और करेगा। अब किसी बाहर के आदमी से हो तो घर की इज़्ज़त का क्या होगा? मेरी बात मान लो तुम खुद पदमा की चुदाई जी भरकर कर लो। तुम दोनों भाई बहन पर क़िसी को शक भी नहीं होगा और में तुझे अपनी मनाली वाली कोठी की चाबी भी दूँगा जहाँ तुम दोनों अपना हनीमून मना लेना। तुझे भी अपनी बहन के जिस्म का मज़ा मिल जायेगा और अगर भगवान की मर्ज़ी हुई तो पदमा माँ भी बन जायेंगी और सारे समाज मे में भी बाप कहलाऊंगा। फिर कल को तुझे ही तो अनीला का पति बनाना है। फिर तुम हमारे घर मे रहकर दोनों को चोद सकते हो बोलो मंज़ूर है? लेकिन में पदमा को कैसे? वो मेरी बहन है, ये कैसे हो सकता है? फिर अनिल पेग पीकर फिर से बोला तो हम क्या पदमा को क़िसी और गैर से चुदने के लिए छोड़ दें ? इससे बेहतर होगा कि तुम ही उसकी जवानी के मज़े लूट लो और घर की इज़्ज़त भी बची रहेगी। फिर में बोला लेकिन अगर मैंने अपनी बहन को स्पर्श भी किया तो वो मुझे जान से मार डालेगी, चोदना तो दूर की बात है। फिर अनिल बोला तू उसकी चिंता मत कर कल ही हम तीनों मनाली जायेंगे और में पदमा को चोदने की कोशिश करूँगा और जब मुझसे चोदा नहीं जायेगा तो वो मुझे गाली देगी और तब तुम आ जाना। जब चूत जल रही होती है तो रिश्ते नहीं देखती और फिर अपनी बहन की चूत अपने लंड से भर देना, एक बार वो चुद गयी तो सदा के लिए तेरी हो जायेगी। जीजा की बात सुनकर अचानक मेरा लंड खड़ा होने लगा और अपनी बहन को चोदने की इच्छा सच होती नज़र आने लगी। फिर अगले दिन हम तीनों मनाली की तरफ चल पड़े। पदमा को उत्तेजित करने के लिए अनिल बार-बार उसके जिस्म पर हाथ फेरने लगा। फिर हम दोपहर को शराब पीने लगे, अनिल जानबूझ कर मेरे सामने ही पदमा के साथ सेक्सी बातें करने लगा, जिनको सुनकर पदमा का रंग लाल होने लगा। फिर मनाली पहुँचकर अनिल बोला आशु तुम पास वाले कमरे मे सो जाओ और में अभी अपनी बीवी के साथ चुदाई के मज़े लेता हूँ। उसकी बात सुनकर पदमा शर्म से लाल हो उठी थी। शराब पी होने की वजह से अनिल का लंड जो थोड़ा बहुत खड़ा होता था वो भी नहीं हुआ था। फिर पदमा गुस्से में चिल्लाने लगी कि अनिल बहनचोद अगर लंड में कमज़ोरी थी तो मुझसे शादी क्यों की? साले अब इस जलती हुई चूत को में कहाँ लेकर जाऊं? मादरचोद की औलाद, साले नपुंसक कहीं के। फिर अनिल शर्मिंदा हुआ बाहर निकला और बोला आशु तू अब बस 5 मिनट इंतज़ार करना, फिर अंदर चले जाना तेरा मामला फिट हो जायेगा। फिर ठीक 5 मिनट के बाद जब मे पदमा दीदी के रूम मे गया तो मैंने देखा कि पदमा नंगी पलंग पर लेटी हुई है और जांघे फैलाकर अपनी चूत मे उंगली कर रही थी। सच मानो तो उस समय मेरी बहन कोई कामदेवी लग रही थी। उसकी शेव की हुई चूत से पानी टपक रहा था और वो आँखें बंद किए हुई थी और चूत रगड़ रही थी। फिर मैंने हिम्मत की और पलंग के पास जाकर उसके नंगे जिस्म पर हाथ फेरने लगा तो उसने झट से अपनी आँखें खोल दी और बोली भैया तुम यहाँ क्या कर रहे हो? जाओं यहाँ से, लेकिन फिर मैंने अपने हाथ उसकी चूची पर रख दिए और रगड़कर बोला दीदी में तुझे ऐसे प्यासी कैसे छोड़ दूँ? आख़िर भाई का भी कोई फ़र्ज़ होता है या नहीं? अगर जीजा नपुंसक हो तो क्या भाई का फ़र्ज़ नहीं बनता कि अपनी बहन की चूत की आग ठंडी करे, ऐसा मदमस्त जिस्म क्या भगवान हर क़िसी को देता है? दीदी अपनी भारी-भारी चूची, आपकी मस्त चूत जो बेचारी मस्त लंड के लिए तरस रही है और आपकी गांड सब मुझे पागल बना रही है। दीदी अब मुझे चुदाई से मत रोकना, में अपनी पदमा दीदी की चूत चोदे बिना आज यहाँ से जाने वाला नहीं हूँ, अगर मुझ पर विश्वास नहीं होता तो अपने भाई का लंड देख लो। फिर मैंने ये कहते ही अपनी पेंट उतार दी और अपना 9 इंच वाला मोटा लंड पदमा को दिखाते हुए उसके हाथ मे दे दिया। मेरा मोटा लंड मेरी काली झांटो के बीच में से क़िसी काले नाग की तरह फूंकार रहा था। दीदी अब बताओ कि आपके भाई का लंड मस्त है या नहीं? आपकी मस्त चूत इसको अंदर लेने के लिए मचल रही है या नहीं? अब पदमा के भाव बता रहे थे कि वो एक पल के लिए झिझकी, लेकिन फिर वासना ने उस पर काबू पा लिया। फिर मैंने कमीज़ भी उतार दी और कमरे का दरवाजा बंद करने के लिए बढ़ा तो पदमा बोली कि नहीं मेरे प्यारे भैया दरवाज़ा खुला ही रहने दो, अगर मेरा नपुंसक पति देखना चाहे तो देख ले कि मर्द का लंड कैसा होता है? और जवान औरत की प्यास कैसे बुझाई जाती है? आ जाओ भैया और तोड़ दो मेरी सील, जो शायद आज तक मेरे भैया के लिए ही बची हुई थी। मेरे भाई आज मुझे अपना बना लो, मुझे इस मस्त लंड से चोदकर पूरी औरत बना लो, आपकी बहन आज से सिर्फ़ आपकी है। फिर में भी पदमा दीदी की बात सुनकर पूरा जोश में आ गया और अपनी दीदी के होंठों को चूमने लगा। उसके होंठों पर जीभ फेरते हुए उसके नंगे जिस्म से लिपटने लगा। हमारे जिस्म जल रहे थे और दीदी अभी भी मेरे लंड को पकड़े हुई थी और में उसको चूम रहा था। फिर मैंने बोला कि दीदी तुमने कभी लंड चूसा है? तो दीदी मचलकर बोली कि अभी तक तो नहीं, लेकिन आज अपने भैया का लंड चूसने की इच्छा ज़रूर है। अगर इजाज़त हो तो चूस लूँ? अगर चूस लेती हूँ तो मेरे भैया मेरे सईयां बन जायेंगे। फिर मैंने दीदी की चूची को चूम लिया और बोला कि देर किस बात की, बना लो मुझे अपना सईयां। फिर दीदी ने झुककर मेरे लंड का टोपा चूम लिया और मेरे अंडकोष थामकर लंड को मुँह में ले लिया। फिर मैंने दीदी के बाल पकड़कर उसका मुँह अपने लंड पर टिका दिया और कमर आगे पीछे करने लगा। फिर मैंने दीदी को पलंग पर सीधा लेटाकर उसके ऊपर चढ़ गया और अब मेरा मुँह दीदी की लाल चूत पर था और मेरा लंड उसके मुँह में था। हम 69 पोजिशन में एक दूसरे को चाटने लगे। अब दीदी की चूत का रस मुझे बहुत उत्तेजित करने लगा और उसकी चूत फड़फडाने लगी। अब देरी करना फ़िज़ूल था क्योंकि दीदी अब बहुत गर्म हो चुकी थी। मैंने दीदी से पूछा कि अब चुदाई शुरू करें? तो दीदी बोली हाँ भैया, अब इंतज़ार नहीं होता पेल डालो अपना लंड मेरी चूत में भैया और इस रात को यादगार बना दो। अब दीदी ने शर्म छोड़कर मुझे चोदने का निमंत्रण दिया। अब मैंने चूत की भीगी हुई फांकों को फैलाकर लंड चूत के मुँह पर टिका दिया और धड़कते दिल से मैंने लंड को एक धक्का मारा और मेरा पूरा टोपा चूत में घुस गया, ओह भैया धीरे से आहह में मर गयी, अहह भैया धीरे से उई माँआआ धीरे से भैया। फिर मेरे लंड को चूत के अंदर गर्माहट महसूस हुई और मैंने धीरे से लंड और आगे बढ़ा दिया। फिर में दीदी की गांड को थाम कर धीरे-धीरे लंड अंदर पेलने लगा, सच मानों दोस्तों ऐसा मज़ा मुझे आज तक नहीं मिला था। दीदी की चूत जन्नत का दरवाजा थी। मेरे लंड पर कसी हुई दीदी की चूत की दीवारें मेरे लंड को सहला रही थी। जब आधे से ज्यादा लंड चूत में घुस गया तो दीदी अपने चूतड़ उठाकर और लंड लेने लगी। में दीदी के ऊपर सवार था और जन्नत का मज़ा लेते हुए चुदाई करने लगा और चूत की चिकनाहट के कारण अब लंड आसानी से चूत में घुस रहा था। फिर कोई 5 मिनट में लंड पूरा चूत में समा गया। मेरी रानी बहन मेरा लंड पूरा अपनी चूत में ले चुकी थी। मेरी रानी तेरी क्या मस्त चूत है? अहहहह क्या मस्त है मेरी बहना? अब तो दर्द नहीं हो रहा पदमा रानी? तो दीदी मज़े से आँखें बंद किए हुए बोली नहीं मेरे राजा भैया, अब तो मज़ा आ रहा है, चोद डालो अपनी लाडली बहना को, शाबाश राजा भैया, पेलो अपना लंड अपनी सजनी की चूत में, अब तो हम भाई बहन सिर्फ़ दुनिया के लिए ही है असल मे तो मेरा भाई मेरा पति है, ऑह्ह्ह्ह मेरे भैया का कितना मस्त लंड है। अब दीदी अपनी गांड उठाकर चुदवाने लगी थी और में बहुत जोश में आकर ज़ोर ज़ोर से धक्के मारने लगा। अब पूरा कमरा फ़च फ़च की आवाज़ों से गूँज रहा था और चुदाई का संगीत चारों तरफ था और चुदाई की सिसकियाँ हम दोनों भाई बहन के मुँह से निकल रही थी। मेरा लंड क़िसी पिस्टन की तरह अपनी सग़ी बहन की चूत चोद रहा था। अब हमारे जिस्म पसीना-पसीना हो चुके थे और में आगे झुक कर दीदी के बूब्स चूसने लगा। दीदी मदहोश हो गई और बोली ओह्ह्ह्हह्ह्ह्ह भैया और चूसो आआआआआ म्‍म्म्मममममम चोदो मेरे राजा चोदो मुझे, मुझे हर रोज ऐसे चोदना भैया। फिर में दीदी को चोदने लगा और दीदी बेकाबू होने लगी, भैया मुझमे समा जाओ, रोज़ चोदना मुझे, भर दो मेरी चूत अपने लंड से, बना दो मुझे अपनी पत्नी, मुझे अपने बच्चे की माँ बना दो भैया। फिर लगातार चुदाई के बाद दीदी झड़ गई और वो पूरी तरह से संतुष्ट हो गई थी। अब हम बहुत चुदाई करते है और खूब मजे लेते है ।। धन्यवाद …

HindiSexStory ठंडी रात में भाभी की चुदाई

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HindiSexStory प्रेषक : ज्ञानेश … हैल्लो दोस्तों, ये बात आज से करीब 2 साल पहले की है। मेरी दुकान पर एक भाभी आया करती थी, वैसे उन्हें सिर्फ़ भाभी कहना ग़लत होगा, क्योंकि वो तो परी जैसी थी। उनका रंग एकदम गोरा था और उन्हें जहाँ से पकड़ लो तो टमाटर की तरह लाल पड़ जाए। उनकी हाईट लगभग 5 फुट 3 इंच, बिल्कुल स्मूद और सिल्की बाल जो नागिन की तरह ल़हराते थे। जब मैंने पहली HindiSexStory बार उन्हें देखा तो मुझे ऐसा लगा कि ये बहुत भारी माल है और ये मेरे हाथ नहीं आने वाली, लेकिन किस्मत को तो कुछ और ही मंज़ूर था। उसका फिगर बहुत मस्त था और वो पूरी मारवाड़ी थी।3 पहली बार वो मेरे घर पर कुछ लेने आई थी। फिर उसके बाद हमारी मुलाक़ते बढ़ती रही। वो कभी-कभी दोपहर में आती थी तो हमारी घंटो बातें होती। उसके पति नेवी में थे, जो साल में सिर्फ़ 2 बार आते थे और बंदा जब आता था तो बेचारी कही नहीं जाती थी। वो अपने पति से खुश नहीं थी, क्योंकि वो जानवर किस्म का इंसान था। उसके घर में उसकी सास रहती थी। बस हमारे मिलने के 8 महीने के बाद उसकी सास चल बसी और अब वो घर पर अकेली रहते हुए बोर हो जाती थी। ये बात जब उसने मुझसे कही तो मैंने कहा कि घर का काम निपटाकर शॉप पर आ जाया करो, तुम्हारा भी दिल लगा रहेगा और मेरा भी दिल लग जायेगा। वो बोली में क्या दिल बहलाने वाली चीज़ हूँ? जो आपका दिल लगा रहेगा। फिर मैंने कहा नहीं आप तो दिल से लगाकर रखने वाली चीज़ हो। वो शरमा गई और जाते हुए बोली कि इस शनिवार से आऊँगी और फिर जल्दी भी नहीं जाऊँगी। अब मुझे इंतज़ार था तो बस शनिवार का। उस दिन में भी शॉप पर बड़ा सजधज कर गया और सोचा कि अब से रोज़ मज़ा आयेगा। फिर वो लगभग 12 बजे आई और उसे देखते ही मेरी 12 बज गई, क्या ग़ज़ब का सफ़ेद कलर का टाईट कुर्ता था? HindiSexStory और उसके नीचे सफ़ेद लेगी। उसके पूरे पैर ऐसे लग रहे थे कि बस अभी उन्हें खा जाऊं। फिर जब वो मेरे पास आकर बैठी तो बोली ऐसे क्यों देख रहे हो? मुझे पहली बार देखा है क्या? तो मैंने कहा लड़कियां तो बहुत देखी है, लेकिन आज तो अप्सरा को देखा है। फिर शर्म के मारे उसका चहेरा लाल पड़ गया। उस दिन के बाद हमारी नज़दीकियां भी बढ़ने लगी। फिर उस साल दीवाली के बाद मेरे घरवाले 15 दिन के लिए बाहर शादी में गये तो मैंने कहा कि अब से हम रोज़ होटल में खाना खाया करेंगे तो वो बोली ठीक है। फिर उसके बाद ठंड बढ़ने लगी। फिर 2 दिन के बाद मैंने उससे कहा कि आज में तुम्हें घर छोड़ करता हूँ और आज तुम डिनर पर लाल साड़ी पहनना, में इतने में खाना पैक करवा कर लाता हूँ। फिर मैंने उसको घर छोड़ा और खाना पैक करवाने के बाद मैंने गुलाब जामुन लिए और उसके घर की तरफ चल दिया और जब में घर पहुँचा तो लॉक करने से पहेले ही उन्होंने दरवाजा खोल दिया और उसको देखते ही में चौक गया। उसने क्या साड़ी पहनी थी? लाल शिफान साड़ी। फिर मैंने उससे बोला कि मुझे आज यही रुकना पड़ेगा तो वो बोली तो रुक जाओ ना। में समझ गया कि आज आग दोनों तरफ लगी है। फिर खाना खाने के बाद मैंने कहा कि चलो टी.वी देखते है। अब साथ में बैठकर टी.वी देखते-देखते बातें सेक्स तक पहुँच गई और वो मायूस होने लगी। फिर मैंने कहा क्या हुआ? तुम्हारा पति अच्छा नहीं है क्या? तो वो बोली पति तो अच्छे है, लेकिन वो सिर्फ़ वाइल्ड है और मुझे रोमांस पसंद है। उन्होंने मुझे कभी आज तक किस नहीं किया है। ये कहते हुए उसके होंठ थरथराने लगे और में उसके और पास चला गया और धीरे से उसकी कमर पर हाथ रखते हुए उसको अपनी तरफ दबा लिया और प्यार से उसके होंठो पर अपने होंठो को रख दिया। अब होंठ रखते ही वो मेरे ऊपर आ गई और मेरे होंठो को एक भूखी शेरनी की तरह चूसने लगी, मुझे ऐसा लग रहा था कि जैसे ये उसकी जिंदगी का आखरी किस है। अब होंठ चूसते-चूसते मैंने उसको कसकर पकड़ लिया था और किस करते हुए ही उसको बेडरूम में ले गया और वहाँ जाकर बेड पर लेटा दिया और प्यार से उसकी साड़ी का पल्लू हटाते ही उसके बूब्स पर अपनी उंगलियां फैरने लगा और प्यार से बीच में किस भी किया। अब उसकी साँसे किसी ट्रेन के इंजन से भी तेज़ चल रही थी और उसका बदन किसी भट्टी की तरह तप रहा था। इतने में उसने मुझे मेरी शर्ट से पकड़कर मुझे वापस अपनी तरफ खींचा और किस करने लगी। अब मैंने किस करते हुए उसके ब्लाउज के हुक खोल दिए। अंदर उसने ब्रा नहीं पहनी थी और फिर में बूब्स को नीचे से पकड़कर धीरे-धीरे दबाने लगा। अब उसने मेरे होंठ छोड़ दिए और वो सिसकारियां भरने लगी। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है। अब में उसकी गर्दन पर, आँखों पर, सब जगह किस करने लगा। उसके बूब्स पर किस करने लगा और उनको दबाने और चूसने लगा। वो बोली कि आई लव यू, प्लीज ऐसा मत करो, में हमेशा के लिए तुम्हारी हूँ। फिर मैंने कहा अब से तुम मेरी ही हो जाओगी। अब मैंने उसके गोरे-गोरे बूब्स दबाते हुए धीरे से उसकी निप्पल पर चिकोटी काटी तो वो मुस्कुराते हुए बोली कि इतना धीरे मत करो कि मेरी जान ही निकाल दो। फिर मैंने उसके बूब्स चूसना शुरू किया और बहुत देर तक चूसने के बाद उनको मसलने लगा। फिर उसने उठकर अपनी साड़ी और पेटीकोट उतार दिया और अब वो अपनी काली पेंटी उतारने लगी। मैंने कहा कि इस पर मेरा हक़ है तो फिर वो वापस लेट गई। अब मैंने भी मेरे पूरे कपड़े उतार कर सिर्फ़ अंडरवियर छोड़ दिया और उसके ऊपर आकर उसके पेट को चाटने लगा और धीरे-धीरे नीचे की तरफ आते हुए उसकी नाभि पर आकर रुक गया और उसको चूसने लगा। फिर मैंने मेरा हाथ नीचे लगाया, तो मुझे महसूस हुआ कि उसकी चूत में से इतना पानी आ रहा था कि बेडशीट गीली हुये जा रही थी। फिर में नीचे की तरफ आया तो मुझे शरारत सूझी और मैंने उसकी पेंटी के ऊपर से चूत को किस करते हुए, उसकी जाँघो पर किस किया। इससे वो और तड़प गई और कहने लगी कि तुम बहुत गंदे हो और मुझे तड़पाते हो। फिर मैंने उसकी पेंटी के ऊपर से किस किया तो उसकी एक लंबी सिसकारी छूट पड़ी। फिर वो बोली कि बहुत ठंड लग रही है, अब तो कुछ करो। फिर मैंने उसकी पेंटी को अपने दांतों से उतार दिया और मैंने देखा कि उसकी चूत में से अमृत की धारा बह रही थी जो कि बहुत ही मस्त थी। अब वो बिना स्पर्श के ही निकल रही थी। फिर मैंने उसकी चूत पर किस करते हुए अपनी जीभ उसकी चूत के अंदर डाली और प्यार से चूसने लगा, और खूब जबरदस्त चूसने के बाद चुदाई का मौसम आया। फिर मैंने अपना 7 इंच लंबा लंड निकाला और उसके हाथों में थमा दिया। वो बोली मेरे पति का तो काला नाग है, लेकिन तुम्हारा तो प्यारा पोपट पूरा गुलाबी है, मेरा मन कर रहा है कि अभी इसे खा जाऊं। तो मैंने कहा क्यों नहीं? आज अपनी हर इच्छा पूरी कर लो। अब इतना कहते ही उसने मेरा लंड अपने मुँह में लिया और चूसने लगी। अब वो चूसते-चूसते बोली कि बस अब डाल दो, नहीं तो में मर जाउंगी। फिर मैंने उसकी दोनों जाँघो को अपने कंधो पर रखते हुए धीरे से अपने लंड को उसकी चूत में धकेल दिया और धीरे-धीरे चूत में अन्दर डालता चला गया। अब वो जैसे जैसे अंदर जा रहा था, उसकी साँसे ऊपर चढ़ती जा रही थी और लंड सीधा जाकर उसकी बच्चेदानी से टकराया और उसकी जान निकल गई। अब वो बिल्कुल बेहोश सी हो गई थी और फिर मैंने धीरे-धीरे धक्के मारते हुए उसको खूब चूसा, खूब चूमा। अब 55 मिनट की जबरदस्त चुदाई में वो चार बार डिसचार्ज हुई और में 2 बार डिसचार्ज हुआ। उस रात के बाद हम आज तक एक पति पत्नी की तरह रहते है ।। धन्यवाद …