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बॉयफ्रेंड के मजबूत लंड से सील तुड़वाई

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प्रेषक : चारू मेहता …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम चारू मेहता है और मेरी उम्र 22 साल और में अपनी बीकॉम की पढ़ाई गुजरात से कर रही हूँ, मेरे पापा एक सरकारी में टीचर है और मेरी माँ एक हाउस वाईफ है और मेरा एक छोटा भाई भी है। उसका नाम योगेश है और वो अभी अपनी 12th की पढ़ाई कर रहा है। मेरी हाईट 5.6 इंच मेरे फिगर का साईज 34-30-36 है और अभी तक मेरा कोई भी बॉयफ्रेंड नहीं था, लेकिन इस घटना के बाद वो भी मुझे मिल ही गया। उसने पहली बार में ही मुझे अपने लंड का स्वाद चखा दिया। दोस्तों इस घटना के बाद मेरा जीवन बिल्कुल बदल गया और अब ज्यादा टाईम बर्बाद ना करते हुए में अपनी कहानी बताती हूँ।

दोस्तों में जब कॉलेज में थी और अपने घर से दूर रहकर अपनी बीकॉम की पढ़ाई पूरी कर रही थी, तब मेरे साथ मेरी बस में एक लड़का आता था, उसका नाम विशाल था और वो मुझसे दो साल बड़ा था। दोस्तों वैसे तो में कभी भी किसी से बात नहीं करती थी, लेकिन में उसे जानती थी क्योंकि रोज हम दोनों साथ में एक ही बस में सफ़र करते थे। तो एक दिन ऐसा हुआ कि में अपना पर्स अपने घर पर भूल गई और फिर जब बस में टिकट लेने के लिए मैंने बेग में देखा तो मुझे पता चला कि में पैसे साथ में नहीं लाई हूँ, विशाल यह सब देख रहा था और उसने दिन मेरे भी टिकट के पैसे दे दिए और फिर उस दिन से हम एक दूसरे से बातें करने लगे और जब में अपने कॉलेज के दोस्त के साथ कहीं बाहर घूमने जाती थी तो उसे भी अपने साथ बुला लिया करती थी, क्योंकि बातचीत करने के बाद से हमने अपना अपना मोबाईल नंबर भी एक दूसरे को दे दिया था। एक बार हम साथ में फिल्म देखने के लिए चले गये और मेरी पास वाली सीट पर विशाल बैठा हुआ था और दूसरी वाली सीट पर में और उसके पास वाली सीट पर मेरी दोस्त कोमल और उसका बॉयफ्रेंड बैठे हुए थे। फिर जब फिल्म शुरू हुई तो वो दोनों तो अपने में व्यस्त थे, आधे घंटे के बाद विशाल ने अचानक से मेरे हाथ पर हाथ रख दिया। मुझे भी अब अच्छा लगने लगा।

फिर उसके बाद वो मेरे हाथ पर अपना हाथ फेरने लगा, लेकिन पता नहीं क्यों में उसे मना नहीं कर सकी? और फिर उसने मुझे अपनी और खींचा और एक लिप किस किया। दोस्तों मेरा वो पहला लिप किस था। मुझे भी अब बहुत अच्छा लगने लगा और में भी उसका पूरा पूरा साथ देने लगी। फिर क्या था? यह सिलसिला कुछ देर तक चलता रहा और हम ऐसे ही एक दूसरे के बहुत नज़दीक आ गये। उसके बाद में हमारा हर रोज का घूमना फिरना और फिर किस करना लगातार हो गया। फिर एक दिन उसने मुझे अपने एक दोस्त की जन्मदिन की पार्टी में बुलाया और मैंने भी उसे वहां पर आने के लिए हाँ कह दिया, तो वो मुझे उसके एक दोस्त के फ्लेट पर ले गया। मुझे लगा कि यहीं पर जन्मदिन की पार्टी होगी इसलिए विशाल मुझे यहाँ पर लाया है, लेकिन जब विशाल ने अपनी जेब से फ्लेट की चाबी निकालकर फ्लेट का ताला खोला तो मैंने देखा कि अंदर कोई नहीं था, तो में झट से समझ गई कि विशाल ने मुझसे झूठ बोला था कि उसके किसी दोस्त की जन्मदिन की पार्टी है और फिर मैंने तुरंत ही विशाल से इस बारे में पूछा तो उसने कहा कि यहाँ पर कोई नहीं है इसलिए में तुम्हे यहाँ पर लाया हूँ ताकि हम यहाँ पर शांति से बैठकर बात सकते है। फिर मैंने उससे मुस्कुराते हुए कहा कि चलो ठीक है और अब हम रूम के अंदर बैठे हुए थे और विशाल ने मेरा एक हाथ पकड़ा हुआ था। फिर विशाल ने कहा कि कितनी गर्मी है और यह बात कहकर उसने मेरा दुपट्टा खींच लिया। वैसे मैंने तो जींस और टी-शर्ट पहनी थी, लेकिन बाहर से यहाँ आने तक आते समय चेहरे को छुपाने के लिए वो दुपट्टा में साथ में लाई थी। तभी उसने एकदम से अपना एक हाथ मेरे बूब्स पर रख दिया और धीरे धीरे दबा, सहला रहा था और अब में कुछ बोलूं उससे पहले उसने अपने होंठ मेरे होंठ पर रख दिए और में तो उसके किस में लीन थी और वो मेरे बूब्स और निप्पल को ज़ोर देकर दबा रहा था और अब उसने मेरी टी-शर्ट को भी उतार दिया, मैंने अंदर हरे रंग की ब्रा पहनी हुई थी और अब मुझे बहुत शरम आ रही थी, क्योंकि आज पहली बार में किसी लड़के के सामने ऐसे बैठी हुई थी और जब वो मेरी ब्रा को भी उतारने वाला था तो मैंने उससे कहा कि विशाल प्लीज ऐसा मत करो, हमको यह सब नहीं करना चाहिए। तो विशाल ने कहा कि में तुम्हे बहुत प्यार करता हूँ। मैंने कहा कि हाँ में भी तुम्हे बहुत पसंद करती हूँ, लेकिन यह सब बिल्कुल गलत है, हमें यह सब अभी नहीं करना चाहिए, लेकिन वो तो अभी भी मेरे बूब्स को ज़ोर ज़ोर से दबाए जा रहा था और में उससे अब कुछ भी बोल ना सकी और मैंने उसको वो सब करने दिया जो वो मेरे साथ करना चाहता था और अब उसने मेरी ब्रा और जींस दोनों को उतार दिया और अब उसने जल्दी से अपने कपड़े भी उतार दिए। अब वो मेरे सामने अंडरवियर और में उसके सामने अपनी पेंटी में थी। मेरी पेंटी अब अंदर से बिल्कुल गीली हो गई थी। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर विशाल ने मुझे बेड पर लेटा दिया और वो मुझे लगातार किस कर रहा था और फिर उसने अपना एक हाथ मेरी पेंटी में डाल दिया। मुझे बहुत रोमांच महसूस हुआ, क्योंकि यह सब मेरा पहली बार था और अब वो मेरी चूत पर अपना हाथ फेर रहा था। दोस्तों मेरी चूत पर हल्के हल्के से बाल थे और वो उसपर हाथ रगड़ रहा था और में उस अनुभव से छटपटा रही थी। फिर उसने मेरे एक हाथ को लेकर अपनी अंडरवियर में डाल दिया, जिसकी वजह से उसका तनकर खड़ा हुआ लंड मेरे हाथ में आ गया, लेकिन मुझे बिल्कुल भी पता नहीं था कि इसके आगे मुझे क्या करना चाहिए? फिर उसने मुझसे कहा कि तुम इसे ऊपर नीचे करो, तो में जैसा वो कहता वो सब करने लगी और अब उसने मेरी चूत में अपनी एक उंगली को डाल दिया, जिसकी वजह से मुझे बहुत दर्द हो रहा था और मज़ा भी आ रहा था, क्योंकि वो अपनी उंगली को मेरी चूत में पूरी तरह अंदर घुसाता और फिर एकदम से पूरा बाहर की तरफ खींचता, उसके ज़ोर ज़ोर से अंदर बाहर करने से मेरी छोटी सी चूत अब धीरे धीरे फैलने लगी थी। फिर में भी पूरे जोश से उसके लंड को ज़ोर ज़ोर से हिलाने लगी और थोड़ी देर के बाद मेरी चूत में से पानी निकल गया, लेकिन उसका अभी भी बाकी था।

फिर उसने मुझसे कहा कि थोड़ा और ज्यादा स्पीड से करो तो मैंने उसकी अंडरवियर को उतार दिया और में अब और भी स्पीड से उसका लंड हिलाने लगी। उसका लंड शायद 7 इंच का था और अब कुछ ही देर बार उसका भी पानी निकल गया और थोड़ा सा मेरे हाथ पर गिरा तो मैंने देखा कि वो बहुत बदबूदार था। फिर मैंने अपनी जींस से उसको साफ कर दिया और अब हम दोनों बेड पर ऐसे ही पड़े रहे, थोड़ी देर बाद वापस विशाल मुझे छू रहा था, लेकिन मुझे भी अच्छा लग रहा था। में भी फिर से उसके लंड पर हाथ फेरने लगी और फिर विशाल मेरे ऊपर आ गया और अब उसने मेरी पेंटी को निकाल दिया। में उसके सामने बेड पर बिल्कुल नंगी पड़ी हुई थी। अब विशाल मेरे पूरे जिस्म पर हाथ फेरने लगा और मेरी चूत में उगली डालने लगा। सबसे पहले उसने अपनी एक उंगली डाली और बाद में दो और बाद में तीन, मुझे बहुत दर्द हो रहा था। फिर मैंने उसका हाथ पकड़कर रोक दिया, वो मेरे ऊपर आ गया और अपने लंड को मेरी चूत में डालने की कोशिश करने लगा। मेरी यह चुदाई पहली बार थी और शायद उसकी भी इसलिए उसका लंड आसानी से अंदर जा नहीं रहा था। बहुत मेहनत के बाद उसका थोड़ा सा लंड चूत में चला गया, लेकिन मेरी तो एकदम बहुत ज़ोर से चीख निकल गई और मुझे लग रहा था कि मेरी चूत से खून भी बहुत निकलेगा और अब में बहुत कोशिश कर रही थी कि विशाल अपना लंड मेरी चूत से बाहर निकाल ले, लेकिन वो तो वैसे ही मेरे ऊपर लेटा रहा और धीरे धीरे धक्के लगाने लगा। फिर कुछ देर बाद मुझे थोड़ा सा दर्द कम हुआ और अब तक लंड आधा अंदर चला गया था। मुझे बहुत मज़ा आ रहा था और में भी उसका पूरा पूरा साथ दे रही थी और करीब दस मिनट में ही मेरी चूत से पानी निकल गया और अब में कोई भी रिस्क नहीं लेना चाहती थी। फिर मैंने विशाल को बोला कि प्लीज तुम अब अपना लंड बाहर निकालो, लेकिन वो मना कर रहा था कि मेरा अभी निकला नहीं है। फिर मैंने उसे समझाया कि हम यह सब बिना कॉंडम के नहीं कर सकते, इस तरह करने से समस्या बहुत ज्यादा होती है। में तुम्हारा अपने हाथ से हिलाकर निकाल दूंगी। फिर वो मेरी बात मान गया और फिर उसने अपना लंड मेरी चूत से बाहर निकाल दिया, तब मैंने देखा कि उसका लंड बहुत ही मोटा था और आगे से थोड़ा सा खून से भी गीला था जो मेरी चूत का था और फिर हम बाथरूम में गये और में विशाल के लंड को हाथ से हिलाने लगी और वो मुझे किस कर रहा था और अपने एक हाथ से मेरे बूब्स को दबा रहा था। फिर थोड़ी ही देर में विशाल का वीर्य निकल गया और वो एकदम शांत हो गया। फिर हम दोनों ने हाथ पैर धोए और फ्रेश होकर अपने अपने कपड़े पहन लिए। विशाल ने मुझे एक गिफ्ट भी दिया जिसमे एक नई टी-शर्ट थी। मैंने उसको हग कर लिया और एक लंबी सी किस दी और उसके बाद हम वहां से निकल गये और वो मुझे मेरे घर तक छोड़ गया। तो दोस्तों यह थी मेरी पहली चुदाई अपने बॉयफ्रेंड के साथ ।।

धन्यवाद …

रानी भाभी की लंड पर सवारी

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प्रेषक : अमित  …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम अमित है और में अहमदाबाद से हूँ। अभी के ज़माने में सेक्सी रिश्तों की कोई कमी नहीं होती है। में इंजीनियर हूँ और में अपने कज़िन की बीवी मतलब भाभी के साथ चालू कैसे हुआ? ये उसकी कहानी है। इंडियन लड़की के प्यार में पड़ना बहुत आसान है और जब उसके बूब्स और गांड मस्त हो तो बात ही बन जाए।  मेरी भाभी एकदम परी जैसी थी और उसका नाम रानी था। उसका साईज 32-24-36 था और वो बहुत गोरी थी। उसकी उम्र 27 साल थी, लेकिन कोई कह नहीं सकता कि वो 22 साल की भी होगी। वो एक हाउसवाईफ है और में अक्सर उनके घर जाया करता था। वो भी मुझसे काफ़ी फ्रेंड्ली थी और में उसको सोचकर कई बार मुठ मारता था।

एक दिन मुझे उनके घर के नज़दीक एक बैंक में काम था तो में उस काम से गया, लेकिन बैंक वालों ने मुझे 2 घंटे तक इंतजार करने को कहा तो में रानी के घर चला गया। फिर मैंने दरवाजा खटखटाया, लेकिन काफ़ी देर तक किसी ने दरवाजा नहीं खोला, फिर उनकी आवाज़ आई कि अमित ज़रा रुक जाओं में आती हूँ। फिर जब वो आई तो में तो शॉक रह गया। अब उन्होंने सिर्फ़ एक टावल पहना हुआ था। फिर मैंने उनको सारी बात बताई तो उन्होंने कहा कि नो प्रोब्लम तुम यहाँ रुक सकते हो। जब भैया तो ऑफिस गये हुए थे, तो अब मुझसे रहा नहीं गया। मैंने कहा कि मुझे बाथरूम जाना है और में सीधा बाथरूम में जाकर हिलाने लगा, लेकिन जल्दी में मैंने दरवाजा बंद नहीं किया तो अचानक पीछे से मेरी भाभी ने मुझे देख लिया।

फिर उन्होंने कहा कि ये तुम क्या कर रहे हो? अब में तो डर गया था कि अब मर गये, लेकिन उन्होंने मुझे बाहर बुलाया और कहा कि जो तुम अंदर कर रहे थे, वो मेरे सामने करो नहीं तो में तुम्हारी माँ को सब बता दूंगी कि तुम क्या कर रहे थे? मेरा लंड अभी भी तना हुआ था, तो मैंने कहा कि मुझे शर्म आ रही है। वो बोली कि बेटा अंदर तो कुछ शर्म नहीं आ रही थी। में उनके मुँह से सुनकर यह शॉक हो गया। फिर मैंने सोचा कि आज उसको मेरा लंड दिखा ही देता हूँ। फिर मैंने जीन्स की चैन खोल दी और मेरा लंड सीधा फंनफनाता हुआ तन गया। मेरा लंड 7 इंच  लंबा और 2 इंच मोटा है और थोड़ा सांवला है। फिर थोड़ी देर तक देखने के बाद वो बोली कि अब इसे हिलाओ तो सही। अब मुझे पता चल गया था कि यह चुदने के मूड में है। मैंने कहा अभी हिला देता हूँ, मुझे कोई प्रोब्लम नहीं है।

फिर वो हंसने लगी और बोली कि ऐसे मेरे सामने खड़ा है, तुझे शर्म नहीं आती। मैंने कहा कि कैसी शर्म? अब में तुझे भी नंगी करूँगा ना। फिर तो उसने सीधा मेरा लंड पकड़कर मेरे लंड को अपने मुँह में ले लिया और ऐसे चाटने लगी जैसे उसने कभी लंड देखा ही नहीं हो। अब में तो सीधे सांतवे आसमान में पहुँच गया था और सोफे पर जाकर लेट गया। अब वो आराम से मेरा लंड चाट रही थी। फिर मैंने उसके गले तक मेरा लंड घुसा दिया। अब उस साली से सांस भी नहीं ली जा रही थी, वो अब कुछ बोल भी नहीं पा रही थी। फिर थोड़ी देर के बाद मैंने उसको छोड़ दिया और फिर मैंने उससे कहा कि सिर्फ़ मेरा लंड ही चूसेगी या मेरे अंडो को भी अपने मुँह में लेगी और मैंने ज़बरदस्ती अपने अंडो को उसके मुँह में डाल दिया और फिर से उसका मुँह पूरी तरह से भर गया। अब वो इस बार मज़े ले रही थी, शायद उसको मेरे लंड के अंडे पसंद आ गये थे। अब वो अपने मुँह से मेरे लंड को निकाल ही नहीं रही थी। अब मेरा पानी निकलने वाला था, क्योंकि वो आधे घंटे से मेरे लंड को चूस रही थी।

फिर मैंने पूछा पानी कहाँ निकालूं? तो वो बोली मेरे मुँह में ही डाल दो मुझे इसका टेस्ट बहुत पसंद है। फिर मैंने एकदम से उसके मुँह में लंड घुसाया और पिचकारी छोड़ने लगा। मेरा इतना पानी आज तक नहीं निकला था। अब वो मेरा सारा पानी पी गई। फिर उसने मेरे लंड को भी मस्त चाट लिया। अब में उसके बॉल्स के साथ खेलने लगा और उसके निप्पल एकदम सख़्त थे और उसके बूब्स तो एकम लचीले थे। अब में तो उस पर टूट पड़ा। फिर मैंने सोचा कि अब चलो इसको हैरान किया जाए। फिर मैंने धीरे से एक उंगली उसकी चूत में घुसा दी। वो तुरंत ही मौन करने लगी। फिर मैंने धीरे-धीरे से उंगली डाली तो उसको मज़ा आने लगा। फिर मैंने एक साथ उसमें 4 उंगली डाल दी और वो चिल्लाने लगी और बोली कि भड़वे निकाल तेरी उंगलियां। लेकिन मैंने उसको दबोच लिया और मैंने उसे छोड़ा ही नहीं। अब उसकी आँखों से आँसू निकलने लगे थे।

फिर मैंने कहा कि शांत रहो में आज तेरी हर बॉडी पार्ट को लचीला कर दूँगा और उंगली के साथ लंड भी घुसा दिया और वो तो अब मानों बेहोश सी हो गई थी। अब में इतने से नहीं रुका और फिर मैंने अपना लंड उसके मुँह में घुसा दिया और पूरा हाथ उसकी चूत में डालकर ज़ोर से हिलाने लगा, अब उसका पानी निकलने लगा था। फिर थोड़ी देर में तो मेरा पूरा हाथ गीला हो गया। अब वो भी इन्जॉय कर रही थी तो रानी बोली कि अब बस भी करो और अपना लंड मेरी चूत में पेल दो। फिर मैंने कहा हाँ अभी तो मैंने सिर्फ़ हाथ डालकर तेरी चूत फाड़ी है। अब में लंड से उसे फाड़ता हूँ और तेरी चूत का भोसड़ा बना दूँगा। अब वो नॉर्मल पोज़िशन में आ गई और अब उसने मेरे सामने अपनी चूत फैला दी। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर मैंने पहली बार अपने लंड को उसकी चूत में डालने के लिए तैयार किया और धीरे से उसके चूत पर लगाया और अंदर डालने लगा, लेकिन उसकी चूत के पानी की वजह से मेरा लंड बार-बार फिसल रहा था। फिर मैंने कहा कि रंडी अपना टावल दे, कितना पानी निकालेगी? और फिर उसकी चूत पर से सारा पानी साफ किया और फिर से अपना लंड उसकी चूत पर लगाकर एक धक्का दिया। वो आधे लंड में ही फिर से चिल्लाने लगी कि धीरे करो, फिर में बोला साली एक तो तुझे चूत की प्यास बुझानी और मुझे धीरे से करने के लिए कह रही है। अब में बहुत गर्म मूड में आ गया था, फिर मैंने एक झटके में पूरा लंड उसकी चूत में डाल दिया और उसके मुँह को लिप किस करके बंद कर दिया। फिर उसे दर्द तो हुआ, लेकिन कुछ ही मिनटों में उसको मज़ा आने लगा। अब वो भी सामने से झटके देने लगी थी। अब में अचानक से लेट गया और उसको मेरे ऊपर ले लिया और बोला कि चल मेरी घोड़ी अब तू मेरे लंड पर सवारी कर।

अब उसे भी बहुत मज़ा आ रहा था और अब वो मेरे लंड पर ज़ोर-ज़ोर से उछलने लगी थी। हमारा दूसरा राउंड करीब एक घंटे तक चला। अब उसका तो 3-4 बार पानी निकल गया था, लेकिन मेरा पानी अभी तक नहीं निकला था। वो अब बहुत थक गई थी। फिर मैंने उसको एक टेबल पर लेटाया और अब में खड़े-खड़े उसे चोदने लगा। दोस्तों उसकी चूत तो मानों जन्नत थी। अब वो तो मौन किए जा रही थी कि पेलते रहो मेरे राजा, अब आखिरकार मेरा निकलने वाला था तो मैंने सारा माल उसकी चूत में ही गिरा दिया। अब उसे बहुत मज़ा आया और मेरा मन अभी भी नहीं भरा था तो मैंने उसको बेड पर लेटाया और कहा कि अपने बूब्स पकड़ लो और मुझे तेरी बूब्स गली में लंड की सैर करनी है। अब मेरा लंड ढीला हो गया था, लेकिन उसके बूब्स देखकर मेरा लंड फिर से थोड़ा-थोड़ा जागने लगा तो मैंने रानी से कहा कि चल उसको जगा। वो तो जैसे इसी का इंतज़ार कर रही थी, वो फिर से मेरे लंड और अंडो को चाटने लगी।

फिर मैंने उसके बूब्स कि गली में लंड को बहुत सैर करवाई और फिर मैंने उसे तीसरे राउंड में डॉगी बनाकर चोदा। अब वो तो अभी मानों बेहोश सी हो गई थी और एक बार डॉगी स्टाइल करते-करते वो तो गिर भी गई थी। फिर भी मैंने उसको छोड़ा नहीं और उसको पीछे की तरफ बेड पर लेटा दिया और उस पर पीछे से ही लंड पेलने लगा। अब उसे मज़ा तो आ रहा था, लेकिन मैंने उसकी सारी एनर्जी ख़त्म कर दी थी। फिर आखिरकार मैंने तीसरी बार अपना पानी उसकी गांड पर छोड़ दिया और फिर मैंने उससे कहा कि चलो अब में अपने काम के लिए निकलता हूँ। वो बोली कि बैंक का काम तो होता ही रहेगा, लेकिन ये काम हर हफ्ते में 2-3 बार मेरे लिए करना पड़ेगा। अब हफ्ते में दो या तीन बार तो में उसको चोद ही देता हूँ।

धन्यवाद …

 

आशा चाची की चुदाई अँधेरे में

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प्रेषक : शंकर …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम शंकर है और में अमृतसर पंजाब का रहने वाला हूँ। दोस्तों कामुकता डॉट कॉम पर यह मेरी पहली कहानी है। में इस वेबसाईट का बहुत लंबे समय से फेन हूँ और मुझे इसकी कहानियाँ पढ़ना बहुत अच्छा लगता है और आज में आप सभी के सामने अपनी एक सच्ची घटना लेकर आया हूँ जिसमे मैंने मेरी चाची आशा को चोदा जो कि मेरे अंकल (मेरे पापा के भाई) की पत्नी है। यह कहानी उनकी चुदाई के बारे में है। दोस्तों में एक ठीक ठाक दिखने वाला लड़का हूँ और मेरा लंड करीब 7.5 इंच का है जो किसी भी असंतुष्ट चूत को शांत करने के लिए बहुत एकदम ठीक है। दोस्तों इस घटना से पहले मैंने कभी भी सेक्स नहीं किया था और ना ही मेरी कोई गर्लफ्रेंड थी और मैंने कभी भी चाची के बारे में भी ऐसा कुछ गलत नहीं सोचा था। यह आखरी महीने की बात है और उन दिनों गर्मी बहुत थी। मेरी चाची का घर हमारे घर के पास ही है और मेरे अंकल एक बहुत बड़े बिजनेसमेन है। उन दिनों वो बिजनेस के सिलसिले में तीन दिन के लिए मुंबई गए हुए थे और वो जाने से पहले मुझे उनके घर पर रात को रहने के लिए बोल गये थे क्योंकि घर पर चाची और उनकी 13 साल की बेटी दोनों ही अकेले थे।

दोस्तों अब में आप सभी को थोड़ा बहुत विस्तार से अपनी चाची के बारे में बता देता हूँ, उनकी उम्र करीब 40 साल की होगी और इस रात से पहले मैंने कभी भी चाची के फिगर और बूब्स की तरफ इतना ध्यान नहीं दिया था और उस रात में खाना खाने के बाद 9 बजे के करीब चाची के घर पहुंच गया। चाची की बेटी अपने रूम में पढ़ाई कर रही थी और उस समय चाची बेड पर बैठकर टीवी देख रही थी और फिर में भी उनके साथ बैठकर टीवी देखने लगा और हम टीवी देखने के साथ साथ कुछ इधर उधर की बातें भी करने लगे। तभी टीवी पर कुछ देर बाद अचानक से एक किस्सिंग सीन चलने लगा। वो करीब दो मिनट का था और यह सब देखकर में चाची के सामने थोड़ा सा शरम महसूस करने लगा, लेकिन चाची मेरी तरफ देखकर मुस्कुराने लगी। फिर जैसे ही मुझे लगा कि चाची के ऊपर सेक्स का भूत चड़ने लगा है और अब वो मेरे हाथों को छूने लगी थी, लेकिन मुझे कुछ भी समझ में नहीं आ रहा था कि यह मेरे साथ यह सब क्या हो रहा है? फिर कुछ देर बाद चाची बेड से उठकर जाने लगी और जाते जाते उन्होंने एक बार मेरे लंड को छूकर देखा, लेकिन थोड़ी ही देर के बाद वो फिर से वापस आ गई और फिर से मेरे लंड को छूने लगी। दोस्तों अब मुझसे भी कंट्रोल नहीं हो रहा था, लेकिन में बहुत डर भी रहा था क्योंकि मेरी चाची की लड़की भी उस समय घर पर थी। चाची ने फिर से मुझे छूना शुरू कर दिया और अब मैंने भी थोड़ी बहुत हिम्मत करके चाची का हाथ पकड़ कर मसल दिया और इसके बाद चाची को मेरी तरफ से ग्रीन सिग्नल मिल गया और चाची ने मेरे लंड को छुआ और अब धीरे धीरे मेरा लंड भी जाग गया था। वो अपना आकार बदलने लगा था जिसको चाची देखकर मन ही मन बहुत खुश हो रही थी और अब में भी चाची को छूने लगा और में अपने एक हाथ को पीछे की तरफ ले जाकर चाची की पीठ को सहलाने लगा और फिर धीरे से चाची के बूब्स और चूत को सहलाने और मसलने लगा, लेकिन तभी इतने में हमे कुछ आवाज़ आई और हम सतर्क हो गये। दोस्तों यह सब काम करते हुए ना तो चाची ने मुझसे कुछ कहा था और ना मैंने। हम दोनों एकदम चुप थे। हमारा पूरा ध्यान टीवी के साथ साथ एक दूसरे पर भी था। तभी मेरी चाची की लड़की रूम में आई और वो उनसे सोने के लिए कहने लगी क्योंकि उसे सुबह जल्दी उठकर स्कूल जाना था और इतना कहकर वो दूसरे रूम में चली गयी। चाची मुझे कहने लगी कि तुम सोना मत, में 12 बजे के करीब आ जाउंगी और चाची सोने के लिए दूसरे रूम में चली गई जहाँ पर मेरी बहन सोई हुई थी और अब घर की पूरी लाईट बंद थी। में टीवी वाले रूम में बैठा हुआ कुछ देर टीवी देखने लगा और कुछ देर के बाद लेट गया, लेकिन मेरा लंड अभी तक तनकर खड़ा हुआ था और में बहुत हैरान था कि मेरे साथ यह सब क्या हो रहा है? और मुझसे कंट्रोल नहीं हो रहा था। मेरी आखों के सामने उनके बड़े बड़े बूब्स घूम रहे थे। में अपने लंड को शांत करने की कोशिश कर रहा था, लेकिन में नाकाम रहा और फिर थोड़ी देर के बाद में उठा और बाथरूम में जाकर उनके बारे में सोचकर मुठ मार आया और अब कमरे में आकर लेट गया और अब में चाची का इंतजार करने लगा, लेकिन मुझे पता नहीं कब नींद आ गयी। थोड़ी देर के बाद चाची आई और उन्होंने मुझे उठाया और वो भी मेरे पास ही लेट गई और मेरे लंड को सहलाने लगी। में भी धीरे धीरे जोश में आ गया और में चाची को किस करने लगा और एक हाथ से में उनके बूब्स को दबा रहा था और चाची भी मेरे लंड से खेल रही थी। में अब पूरे जोश में था और चाची के बूब्स उनकी कमीज़ के ऊपर से मसलने लगा।

फिर कुछ देर के बाद चाची ने अपनी सलवार को उतार दिया और में चाची की पेंटी के ऊपर से उनकी चूत को सहलाने लगा। चाची पूरी तरह से गरम हो चुकी थी और अब मैंने चाची की पेंटी को भी उतार दिया, लेकिन कमरे में बहुत अंधेरे की वजह से मुझे चाची की चूत नहीं दिख रही थी, लेकिन हाथ लगाने से पता चल रहा था कि वो भी बहुत जोश में गरम थी और अब हम लिप किस करने लगे। मैंने अपने लोवर को उतार दिया और साथ में अपनी अंडरवियर भी। चाची मेरे लंड को हाथ में लेकर ऊपर नीचे करके महसूस करने लगी और फिर चाची ने मुझसे कहा कि वाह तुम्हारा लंड तो मेरे सोचने समझने से भी बहुत बड़ा, मोटा, लंबा है। मुझे ऐसे ही किसी लंड की तलाश थी जो एक ही बार में मेरी प्यासी चूत को शांत कर दे और मेरी चूत को चोदकर उसका भोसड़ा बना दे। चल अब शरमाना छोड़ और मेरी जमकर चुदाई करके मुझे खुश कर दे। फिर चाची बेड से उठी और मोबाइल की रोशनी से अलमारी से एक कंडोम निकालकर लाई और मुझे दे दिया, लेकिन मुझे तब तक कंडोम लगाना भी नहीं आता था। मैंने चाची से कहा कि चाची मुझे उसको चड़ाना नहीं आता और यह कैसे लगता है मुझे बिल्कुल भी पता नहीं है। चाची ने थोड़ा मुस्कुराकर मेरे लंड को अपने एक हाथ से पकड़ा और फिर कंडोम को टोपे पर रखकर धीरे से नीचे की तरफ उतार दिया और इस तरह कंडोम लगा दिया। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

अब में अब चाची के ऊपर आ गया और मैंने धीरे से चाची के दोनों पैरों को थोड़ा सा फैलाकर चूत का आकार बड़ा किया और लंड को चूत के मुहं पर रखकर हल्का सा लगातार दबाव बनाकर पूरा का पूरा अंदर घुसा दिया। चाची उहहऊऊ आह्ह्ह्हह्ह की आवाज़ निकलने लगी और अब मेरे भी मुहं से हल्की सी आवाज़ निकलने लगी, लेकिन में किसी भी बात को बिना देखे सुने ताबड़तोड़ धक्के देने लगा और वो अपने चूतड़ को उठा उठाकर मेरा पूरा पूरा साथ देने लगी और वो मुझसे कहने लगी कि हाँ और ज़ोर से हाँ अपना पूरा दम लगा दो मेरी चुदाई में और मुझे पूरी तरह से संतुष्ट कर दो हाँ और ज़ोर से चोदो मुझे। अब में जोश में आकर लगातार धक्के देकर उन्हे करीब बीस मिनट तक चोदता रहा, लेकिन अब में झड़ने वाला था और फिर में उनकी चूत में झड़ गया, लेकिन मैंने अपने धक्के अभी खत्म नहीं किए। में उसे धीरे धीरे चोदता रहा और अपना वीर्य उनकी चूत में डालता रहा और थोड़ी देर के बाद में चाची के बूब्स और कमीज़ के ऊपर से चूसने लगा। फिर कुछ देर के बाद चाची ने अपनी कमीज़ को उतार दिया और मैंने उनकी ब्रा को उतार दिया। अब चाची मेरे सामने बिल्कुल नंगी थी, लेकिन अँधेरे की वजह से मुझे कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था, लेकिन में चाची के बूब्स को चूस रहा था और उनकी चूत और पूरे जिस्म को छूकर महसूस कर रहा था और अब कुछ ही देर में मेरा लंड फिर से तन गया था। चाची ने लंड को मुहं में ले लिया और चूसने लगी और थोड़ी ही देर में मेरा पूरा लंड तन गया। अब चाची पेट के बल लेट गयी और उन्होंने मेरे खड़े हुए लंड को अपनी गांड में डालने का इशारा किया। दोस्तों पहले तो में बहुत हैरान हुआ फिर में चाची के ऊपर आकर गांड में लंड डालने लगा। मैंने महसूस किया कि चाची की गांड चूत से थोड़ी टाईट थी। मेरा लंड जैसे पूरी तरह से छिल गया था और अब चाची मौनिंग करने लगी। फिर 10 मिनट के बाद में डिसचार्ज हो गया और मैंने अपना गरम गरम लावा उनकी गांड में डाल दिया और थोड़ी देर के लिए हम ऐसे ही लेटे रहे। लगभग दो बजे के करीब चाची ने मोबाइल की लाईट से अपने कपड़े ढूंढे और फिर पहनकर अपने कमरे में चली गयी। दोस्तों इस तरह मैंने चाची को चोदा, लेकिन इस चुदाई में ना तो में चाची के शरीर का कोई अंग देखा सका (अंधेरे की वजह से) और ना ही हम दोनों चुदाई करते समय कुछ मुहं से बोले और उसके बाद अगली दो रातों को भी मैंने चाची को ऐसे ही जमकर चोदा और अपनी चुदाई से उनकी चूत को संतुष्ट किया ।।

धन्यवाद …

बीवी को शिमला में चुदवाया

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प्रेषक : विशाल …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम विशाल है और में दिल्ली का रहने वाला हूँ। उम्र 32 साल, हाईट 5 फुट 9 इंच, लंड 6 इंच लंबा और 3 इंच मोटा और जिम बॉडी है। ये स्टोरी जून 2013 की है, में और मेरी पत्नी शिमला घूमने गये थे। हमारी शादी को करीब 8 साल हो चुके थे। अब में आपको अपनी पत्नी के बारे में बता दूँ, उसका नाम पूजा है। उम्र 30 साल, हाईट 5 फुट 6 इंच, साईज़ 34-28-36, एकदम गोरी, ठीक ठाक भरी हुई है, उसके बूब्स और गांड पर तो मैंने कितने लोगों को घूरते देखा है और मुझे इससे जलन नहीं होती बल्कि मज़ा आता है। पूजा काफ़ी सुंदर है, में और मेरी पत्नी सेक्स का भरपूर मज़ा लेते है। मुझे उसकी ब्रा-पेंटी उतारने से लेकर उसकी चूत चाटने तो कभी-कभी उसकी गांड चाटने में बहुत ही मज़ा आता है, ख़ास कर जब में उसकी गांड चाटता हूँ तो उसे सिग्नल मिल जाता है कि आज तो में उसकी गांड मार कर ही रहूँगा।

पूजा भी कभी-कभी अपने आप ही मेरा लंड पकड़कर अपनी गांड में घुसवा लेती है। सच में मेरी पत्नी की गांड मारने का मन हर देखने वाले का करता होगा। पूजा को भी मेरा लंड चूसने में काफ़ी मज़ा आता है। कई बार वो अपनी मर्ज़ी से एकदम नंगी हो कर बिस्तर पर आ जाती है और मेरा लंड चूसने लग जाती है। हम सेक्स में हर तरीका अपनाते है। हमें इसमें काफ़ी मज़ा आता है। हम नेट पर पॉर्न भी देखते तो कभी-कभी सेक्स करते वक़्त में अपने दोस्तों की बीवीयों के साथ सेक्स करने के लिए कहता तो उसे कोई परेशानी नहीं होती थी, लेकिन जब में उसको मेरे दोस्तों के साथ सेक्स करने के लिए कहता तो वो मना कर देती, लेकिन उसे और मुझे सेक्स में इन बातों से बहुत मज़ा आता था।

अब गर्मियों की छुट्टियों में हम अपने दोस्तों और बच्चो के साथ घूमने गये थे, लेकिन वहाँ भी कोई चान्स नहीं लगा। शायद वो इसके लिए राज़ी भी नहीं होती, क्योंकि वो मेरे सभी दोस्तों की बहुत इज़्ज़त करती थी, लेकिन सेक्स में उसका स्टाईल ही ऐसा था कि इस दौरान मेरी इच्छा होने लगी कि कोई मेरे सामने पूजा को चोदे। ऐसा काफ़ी टाईम तक चलता रहा। फिर एक दिन में मार्केट से वाइब्रेटर लेकर आया और रात को पूजा को सरप्राइज दिया। फिर जब में उसकी गांड मार रहा था तो मैंने वाइब्रेटर उसकी चूत में घुसाने की कोशिश करने लगा तो पूजा आअहह आआआआआआअहह की आवाज़े निकालने लगी और एड्जस्ट करके अपने हाथ से पूरा का पूरा अंदर ले लिया। अब उसे बहुत मज़ा आ रहा था, तभी में बोला।

में : पूजा दूसरा लंड कैसा है?

पूजा : बहुत अच्छा डार्लिंग।

में : तुम्हें दो लंड एक साथ अच्छे लग रहे है?

पूजा : हाँ बहुत।

में : -सोचो, अगर इस रबड़ के लंड में इतना मज़ा आ रहा है तो असली लंड में कितना मज़ा आयेगा?

पूजा : हटो, मुझे सिर्फ़ तुम्हारा ही चाहिए, ये ही काफ़ी है।

में : मेरा क्या?

पूजा : लंड आआआआआआअहह पूरा घुसाओ ना प्लीज और उसकी चूत से पानी गिरने लगा।

फिर करीब 1 घंटा सेक्स करने के बाद हम सो गये। फिर कुछ दिन ऐसा ही चलता रहा। फिर मेरे दिमाग़ में एक प्लान आया कि क्यों ना में पूजा को कहीं उसकी पसंद की जगह पर घूमाने ले जाऊं? शायद कोई बात बन जाए। इसी दौरान एक मॉल में मुझे एक लकी ड्रॉ में एक फ्री ट्रिप शिमला जाने का कूपन मिला तो मैंने पूजा को इस बारे में बताया तो वो बहुत ही खुश हुई। पूजा को शिमला देखना था तो कुछ दिनों के बाद हमने शिमला जाने का प्लान बनाया और मैंने बुकिंग कर दी। अब हम अपने तय दिन पर सुबह 4 बजे दिल्ली से अपनी गाड़ी में निकले और सफ़र का मज़ा लेते हुए करीब 1 बजे शिमला रिसोर्ट पहुँच गये। शिमला रिसोर्ट काफ़ी बड़ा और शानदार था। रिशेप्शन पर हमें एक जवान सुंदर लड़का मिला, उसने अपना नाम संदीप बताया और हमें वेलकम कहा। फिर सारी बातें बताने के बाद वो हमें अपने रिसोर्ट के बारे में बताता हुआ हमें हमारे रूम तक ले गया।

फिर उसने रूम का दरवाजा खोला, रूम अन्दर से काफ़ी अच्छा था। फिर वो हमें रूम की सुविधाओं के बारे में बता कर जाने लगा और जाने से पहले उसने अपना पर्सनेल मोबाईल नम्बर मुझे दिया और कहा कि कभी भी किसी चीज की ज़रूरत हो तो हम उसे कॉल कर सकते है। फिर उसने जाने से पहले एक मेंबरशिप पॉलिसी का भी ज़िक्र किया और बोला पहले आप आराम कर लीजिए फिर में आपको शाम को मिलता हूँ। संदीप काफ़ी स्मार्ट था, हाईट 6 फुट होगी वो काफ़ी गठीले शरीर का था। पूजा को भी उसका स्वभाव काफ़ी पसंद आया। अब हम दोनों रूम में अकेले थे। अब मुझसे रहा नहीं गया और हमने फटाफट सेक्स करना चालू कर दिया और थोड़ी देर के लिए सो गये। फिर शाम को हमें संदीप ने पूरा रिसोर्ट घुमाया। अब वो हमारे साथ काफ़ी फ्रेंड्ली हो गया था। में देख रहा था कि उसकी नज़र पूजा पर थी और मुझे ये सब अच्छा लग रहा था, जब बारिश का मौसम था इसलिए हमें काफ़ी सर्दी लग रही थी। फिर हम मॉल रोड़ गये और वहाँ से मैंने पूजा के लिए एक सेक्सी शॉर्ट नाईटी ली। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

अब में मार्केट में पूजा की गांड पर तो कभी बूब्स पर, टच किए जा रहा था। पूजा को ये अच्छा लग रहा था, लेकिन वो मुझे मना कर रही थी कि कोई देख ना ले। अब पूजा काफ़ी खुश थी तो मैंने एक छोटी बोतल विस्की की ले ली तो पूजा ने मना किया, लेकिन मेरे रिक्वेस्ट करने पर वो मान गयी। अब हम रिसोर्ट वापस आ गये। फिर करीब 8 बजे हमने लाईट डिनर भी लिया और अपने रूम में आ गये। अब रूम में आते ही मैंने पूजा को अपनी बाहों में भर लिया तो पूजा मचलने लगी और मेरे से छूटकर उसने अपनी नई नाइटी ली और बाथरूम में जाने लगी। अब मैंने रूम का हीटर चालू कर दिया और संदीप को फोन मिलाया।

संदीप : हैल्लो।

में : हैल्लो संदीप, में विशाल बोल रहा हूँ रूम नम्बर ***

संदीप : ओह, हैल्लो सर कहिए में आपके लिए क्या कर सकता हूँ?

में : यार आप अपनी पॉलिसी के बारे में बता रहे थे तो क्या आप अभी हमारे रूम में आ सकते हो?

संदीप : लेकिन, सर अभी तो में व्यस्त हूँ, क्या कुछ देर के बाद आ जाऊं?

में : कितनी देर में?

संदीप : मेरी ड्यूटी 9 बजे ख़त्म हो जायेगी, उसके बाद में बिल्कुल फ्री हूँ।

में : ओके, तुम आ जाना मुझे कोई प्रोब्लम नहीं है, में तुम्हारा इंतज़ार करूँगा, ओके बाय।

इतने में पूजा भी फ्रेश होकर बाथरूम से नाइटी पहनकर निकली, वाउ क्या ग़ज़ब लग रही थी वो? उस नाइटी में उसकी भरी हुई सफेद जांघे काफ़ी सेक्सी लग रही थी। उस नाइटी के अन्दर साफ दिख रहा था कि उसने काले कलर की ब्रा और पेंटी पहनी हुई है। फिर मैंने भी फटाफट अपने कपड़े उतारे और एक अपनी चड्डी और बनियान में बेड पर उसके साथ आ गया। फिर मैंने पूजा को अपनी बाहों में भर कर इधर उधर किस करना शुरू कर दिया तो वो गर्म होने लगी। अब वो इस ट्रिप पर बहुत खुश थी, क्योंकि सिर्फ़ वहां हम दोनों ही थे और किसी की टेन्शन भी नहीं थी। फिर मैंने विस्की का एक पेग बनाया और पीने ही वाला था कि पूजा ने मुझे रोक लिया और कहा कि तुम ये मत पियो। (में शराब नहीं पीता ये तो ट्रिप पर सेक्स का मज़ा लेने के लिए ली थी) फिर मैंने पूजा को पीने के लिए मना लिया और एक पेग पूजा को पिला दिया। फिर थोड़ी देर में हम एक दूसरे पर टूट पड़े। अब मेरा हाथ उसके बूब्स दबा रहा था और वो मेरे शरीर पर हाथ फैर रही थी।

अब में उसकी नाइटी के अंदर हाथ डालकर कभी उसकी चूचीयाँ दबाता तो कभी उसकी चूत को सहलाता। अब वो सिसकियां भरने लगी थी, अब उसे थोड़ा विस्की का और थोड़ा सेक्स का नशा चढ़ रहा था। तभी मैंने एक और पेग उसे दे दिया और वो पी गयी, अब उसकी पेंटी गीली हो चुकी थी। अब में उसकी पेंटी के ऊपर से ही उसकी चूत चाट रहा था और अब वो आआआहह की आवाज़े निकाल रही थी। इतने में उसने मेरी चड्डी में हाथ डालकर मेरे लंड को पकड़ा और सहलाने लगी। अब हम 69 पोजिशन में थे और में उसकी पेंटी को बिना उतारे एक तरफ करके उसकी चूत चाटने लगा। अब वो भी मेरा लंड निकाल कर चाटने लगी तो उसके मुँह से ऊऊम्म्म्म हह ऊमम हह की आवाज आ रही थी। अब में एक उंगली पूजा की चूत में और दूसरी उंगली उसकी गांड में अंदर बाहर कर रहा था। अब उसे बहुत मज़ा आ रहा था। तभी पूजा अपने मुँह में से लंड निकाल कर बोली।

पूजा : क्या आप वाइब्रेटर लाए हो?

में : नहीं, क्यों तुम्हें चाहिए?

पूजा : नहीं बस, बहुत मज़ा आ रहा था इसलिए।

तभी डोर बेल बजी, मैंने देखा तो 9 बज चुके थे। शायद संदीप ही होगा, पूजा को अजीब लगा की कौन है? ऐसे माहौल में सारा मज़ा खराब हो गया था। उसे ये नहीं पता था कि मैंने उसके लिए क्या इंतज़ाम किया है? फिर मैंने पूजा से बोला कि तुम कंबल में ही रहो और में अभी आता हूँ और उसने कंबल से अपने आपको ढक लिया। फिर मैंने डोर ओपन किया तो देखा कि संदीप है। फिर मैंने उसे रूम में अंदर आने को कहा तो वो अंदर आ गया। फिर संदीप ने पूजा को भी हाय बोला और कहा कि मैंने आप लोगों को परेशान तो नहीं किया। फिर मैंने उसे बैठने के लिए कहा और वो उसी साईड में बैठ गया जिस साईड में बेड पर पूजा थी। अब पूजा को नशा चढ़ गया था तो उसने हमारी बातें 2-3 मिनट तक सुनी फिर वो अपना उदास चेहरा दूसरी तरफ करके लेट गई।

अब में भी कंबल में था और अंदर से पूजा की गांड को सहला रहा था। अब संदीप ने मुझे फटाफट रिसोर्ट की मेंबरशिप के बारे में बताया और में बोला कि ये मेंबरशिप में लेने के लिए तैयार हूँ, लेकिन में इस ट्रिप को यादगार बनाना चाहता हूँ तो संदीप बोला थैंक यू सर, में आपकी हर मदद करने के लिए हाज़िर हूँज अब में अपनी पत्नी के बूब्स भी सहलाने लगा। ये सब संदीप महसूस कर रहा था कि कंबल के अंदर क्या हो रहा है? कंबल में हलचल हो रही थी और पूजा भी चुपके से मेरे लंड को आगे पीछे कर रही थी, लेकिन उसका मुँह दूसरी तरफ था। तभी में कंबल से उठा और जानबूझ कर संदीप के सामने ही पूजा के ऊपर से कंबल हटा दिया।

अब मेरी पत्नी की गोरी-गोरी नंगी टांगे संदीप के सामने थी तो संदीप की आँखे खुली की खुली रह गयी। अब में उसके सामने ही अपने हाथ से उसकी गांड और कमर सहला रहा था। फिर मैंने संदीप का हाथ पकड़कर पूजा की गांड पर रख दिया, अब पूजा नशे में थी। फिर जब में 2 मिनट में बाथरूम से आया तब तक संदीप पूजा की गीली चूत पर भी हाथ फैर रहा था, कभी पेंटी के अंदर तो कभी पेंटी के बाहर हाथ फेर रहा था। फिर मैंने बेड पर आकर पूजा के मुँह के पास अपना लंड रख दिया और उसके मुँह पर अपना लंड रगड़ने लगा। अब पूजा ने अपनी आँखे बंद कर रखी थी और मुँह खोलकर मेरा लंड अपने मुँह में ले लिया, वाह्ह अब की बार तो फीलिंग ही कुछ और थी। फिर मैंने पूजा को डॉगी स्टाइल में होने को बोला तो वो हो गयी। फिर संदीप ने भी अब पूजा की पेंटी एक तरफ करके उसकी हल्के बालों वाली चूत के दर्शन किए और उसे चाटने लगा। अब पूजा को भी बहुत मज़ा आने लगा था।

अब मैंने संदीप को अपने कपड़े उतारने का इशारा किया तो उसने एक बार में ही सारे कपड़े उतार दिए और बिल्कुल नंगा हो गया। अब उसका लंड देखकर में भी खुश हुआ। वो लगभग 7 इंच लंबा और 3 इंच मोटा होगा, वाह क्या लंड था उसका? अब पूजा ने मेरी तरफ देखा तो मैंने उसे इशारे में रिक्वेस्ट की वो जान गयी थी कि अब तो मना करने में कोई फ़ायदा नहीं है, बस अब तो चुदवाने में ही फ़ायदा है। फिर संदीप ने उसकी पेंटी उतार दी, क्या बात थी पूजा एक अजनबी मर्द के सामने बिल्कुल नंगी क्या लग रही थी? फिर मैंने भी उसकी ब्रा और अपनी चड्डी निकाल दी थी। अब हम तीनों रूम में बिल्कुल नंगे थे और अब रूम कुछ हमारी सिसकियों से तो कुछ हीटर से गर्म हो चुका था। अब संदीप अपना लंड पूजा की चूत पर रगड़ रहा था और साथ ही वो अपने लंड से मेरी पत्नी की चूत पर थप्पड़ भी लगा रहा था।

अब वो पूजा की चूत पर अपना लंड रखता और हटा लेता। फिर पूजा ने मेरा लंड अपने मुँह से निकाला और आगे पीछे होकर संदीप के लंड को चूत में घुसवाने की कोशिश करने लगी। तभी पूजा ने उसका लंड पकड़ा और अपनी चूत में घुसा लिया तो पीछे से संदीप ने भी जोरदार धक्का लगाया तो उसकी आआआहह की चीख निकल गयी। अब उसका लंड एक बार में ही पूरा अंदर चला गया था, चोद दो और चोदो, पूरा लंड घुसाना प्लीज़ संदीप प्लीज, पहली बार पूजा ने संदीप का नाम लिया था। अब वो पूरी तरह से दो-दो लंड का मज़ा लेना चाहती थी। इस तरह 10 मिनट तक चोदने के बाद मैंने उसे मिशनरी पोजिशन में लेटाया और अपना लंड उसकी चूत में डाल दिया। अब पूजा संदीप का लंड बड़े मज़े से चूस रही थी और में उसे चोद रहा था। फिर मैंने अपना लंड बाहर निकाला और उसकी गांड चाटने लगा तो पूजा समझ गयी कि अब उसकी गांड की बारी है। उसकी गांड पर मेरी जीभ लगते ही वो काँप उठी।

फिर मैंने अपना लंड उसकी गांड में घुसाया, अभी आधा ही लंड उसकी गांड में गया होगा कि वो दर्द महसूस करने लगी। वो बोली डार्लिंग धीरे से घुसाओ, में मर जाऊंगी, फिर में बोला कि मेरी रानी अभी तो मेरा आधा ही गया है जब संदीप का पूरा जायेगा तो क्या होगा? और वो स्माइल देने लगी। अब धीरे-धीरे मैंने पूरा लंड अन्दर घुसा दिया और अपनी स्पीड तेज़ कर दी। वो आआआआआआआआआअहह डार्लिंग और तेज़ और तेज़ बोलने लगी। फिर करीब 15 मिनट तक धक्के लगाने के बाद में रुका और संदीप को नीचे से पूजा की चूत में लंड घुसाने के लिए बोला। अब संदीप लेट गया और पूजा उसके ऊपर बैठकर लंड अपनी चूत में लेने लगी और मैंने ऊपर से उसकी गांड में लंड घुसा दिया। अब पूजा को थोड़ी परेशानी होने लगी थी, लेकिन मैंने पूरा लंड अन्दर घुसा दिया, आआआह्ह्ह्ह्ह प्लीज आज मेरी गांड और चूत दोनों फाड़ दो। मारो मेरी और मारो, मुझे जी भरकर चोदो, प्लीज फुक मी, आप तो चाहते ही थे ना कि में दो लंड एक साथ लूँ, अब तो खुश हो आप और चोदो मुझे। अब पूजा की गांड और चूत में से काफ़ी सारा पानी निकल रहा था।

अब वो एकदम पागल सी हो गयी थी और झड़ने वाली थी तो वो बोली कि संदीप चोदो मुझे, में झड़ने वाली हूँ। इतने में ही उसकी चूत में से बहुत सारा पानी निकलने लगा, आआआआआआहह में गयीईईई और वो ढीली पड़ गयी। तभी हम भी झड़ने वाले थे। फिर मैंने संदीप की तरफ इशारा किया कि अंदर मत निकालना, पूजा के मुँह में निकालना। (पूजा को वीर्य का स्वाद काफ़ी अच्छा लगता है) फिर हम उठकर अपना लंड पूजा के मुँह के पास हिलाने लगे तो पहले में झड़ गया आआआआआआआअहह मेरा वीर्य पूजा के मुँह के अंदर और बाहर दोनों जगह फैल गया था। फिर संदीप का भी निकल गया। फिर पूजा हम दोनों का वीर्य पी गयी और पूजा ने हमारे लंड भी अपनी जीभ से चाट-चाट कर साफ कर दिए। अब हम तीनों के चेहरो पर खुशी थी और थोड़ी देर तक हम पूजा को अपने बीच में लेटाकर पड़े रहे। दोस्तों उस रात हमने 3 बार सेक्स किया था ।।

धन्यवाद …